गंगा उफान पर
साहिबगंज : गंगा के उफान पर होने से जिले के कई इलाकों में कटाव तेज हो गया है. लोग ऊंचे स्थान पर जाने को मजबूर हो रहे हैं. साहिबगंज, राजमहल व उधवा प्रखंड के चार दर्जन गांव टापू में तब्दील हो गया है. राजमहल में गंगा खतरे के निशान से पार है. सकरीगली में गंगा कटाव को देखते हुए ग्रामीण ऊंचे स्थान की ओर जाने का मन बना चुके हैं. वहीं बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन इससे निबटने की तैयारी कर ली है. साहिबगंज में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ने लगी है. केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी रंजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि मंगलवार की सुबह 6 बजे गंगा का जलस्तर 27.500 मीटर मापा गया. जो खतरे के निशान 27.250 मीटर से 25 सेमी उपर है. वहीं 24 घंटे में जलस्तर10 सेमी बढ़ने का संकेत प्राप्त हुआ है.
सड़क पर चढ़ा पानी
उधवा के दियारा क्षेत्रों में पानी घुसने से उधवा से बालूग्राम जाने वाली सड़क पर भी पानी चढ़ गया है. जिससे यातायात प्रभावित हो गया है. लोग जामनगर होकर राजमहल जा रहे. दियारा क्षेत्र के लोग भी सड़काें के किनारे शरण लेने लगे हैं.
राजमहल में भी गंगा खतरे के निशान के ऊपर, टापू में तब्दील चार दर्जन गांव
बाढ़ के पानी से घिरा इलाका.
इन इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
साहिबगंज प्रखंड के हर प्रसाद, किशन प्रसाद, मखमलपुर उत्तर, मखमलपुर दक्षिण, टोपरा के रामनाथ टोला, रामनगर मुसहरी, चासा टोला, मुनीलाल टोला, कादिर टोला, सत भइया टोला, मखमलपुर सामदा टोला, तीन धरिया टोला, कारगिल, हाजी, मोहम्मद टोला, सफूर टोला, बिंद टोला, हरिजन टोला आदि गांव व टोले घिर गये है. वहीं दियारा में सैकड़ों एकड़ में लगी फसल डूबी चुकी है. राजमहल में बाढ़ का सबसे अधिक असर पूर्वी नारायणपुर पंचायत के काॅलोनी नंबर एक से चार प्रभावित है.
सैकड़ों एकड़ जमीन में लगी मक्का, पटसन एवं मौसमी सब्जी की फसल डूब गयी है. वहीं उधवा प्रखंड के श्रीधर, पूर्वी प्राणपुर, पश्चिमी प्राणपुर, उत्तर पियारपुर, दक्षिण पियारपुर, मध्य पियारपुर, दक्षिण पलासगाछी, उत्तर पलासगाछी, अमानत दियारा, उत्तर व दक्षिण बेगमगंज, पश्चिम उधवा दियारा, चांदशहर आदि पंचायत के खेतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से फसल डूब गयी है.
