झाविमो कार्यकर्ताओं ने दिया धरना, कहा
साहिबगंज : झाविमो के जिलाध्यक्ष आरके यादव के नेतृत्व में बुधवार को सात सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय के समक्ष धरना दिया. मौके पर झाविमो नेताओं ने सूबे की सरकार पर आदिवासी विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाया. कहा कि सरकार गैर मजरूआ जमीन का जमाबंदी रद्द कर गरीबों की जमीन छीनने में लगी है. इस दौरान झाविमो कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे भी लगाये. धरना के बाद एक शिष्टमंडल एसी को ज्ञापन सौंपा.
क्या है मांगें : सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन अध्यादेश लाने के खिलाफ एवं गैर मजरूआ जमीन की जमाबंदी रद्द की कार्रवाई अविलंब वापस हो, भूमि अधिग्रहण अध्यादेश 2013 के तहत साहिबगंज जिले के सकरीगली समदा घाट में बंदरगाह निर्माण में रैयतों को वर्तमान बाजार भाव से चार गुणा अधिक एवं पेड़ पौधे का भी मुआवजा एकसाथ भुगतान हो, गंगा पुल से भी प्रभावित रैयतों को युद्ध स्तर पर उचित मुुआवजा की जाये, बंदरगाह निर्माण से विस्थापित हो रहे लोगों को उजाड़ने से पहले बसायी जाये, विस्थापित परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाये, वृद्धापेंशन योजना को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिये प्रत्येक प्रखंड में जांच शिविर लगायी जाय, उधवा प्रखंड के चांदशहर गांव के पूरब जहांगीर टोला में जले हुये ट्रांसफॉर्मर के बदले नया ट्रांसफॉर्मर लगायी जाये,
कौन-कौन थे धरना में
जिलाध्यक्ष आरके यादव, पूर्व विधायक थोमस सोरेन, राजीव चौधरी, राजेश यादव, अनिल कुमार यादव, लक्ष्मी यादव, मिटु चौधरी, विनोद यादव, संतोषिनी मरांडी, दिलीप रमानी, दिलीप सोरेन, पंकज साह, मरांग मरांडी, कुंदन साह, कृष्ण मोहन यादव सहित दर्जनों महिला पुरूष कार्यकर्ता उपस्थित थे.
