11 करोड़ 40 लाख खर्च कर बहुरेंगे पहाड़िया आदिवासी के दिन

236 परिवारों के बीच 117 योजनाओं का होगा क्रियान्वयन

साहिबगंज. जिले के पहाड़िया आदिवासी समाज के लिए अच्छी खबर है. केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अधीन जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, धरती आबा जनजातिवा ग्राम उत्कर्ष अभियान-दाजगुआ नयी योजना वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2028-29 के लिए प्रारंभ की गयी है. जानकारी के अनुसार साहिबगंज जिले में आदिवासी व पहाड़िया बहुल 236 गांवों के लाभुकों को इस योजना में जुड़ना है. मिली जानकारी के अनुसार 117 प्रस्तावित योजना को 11 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से पूर्ण किया जायेगा. यह पांच वर्ष तक का होगा. सरकार का अनुदान 1026 लाख व लाभुक का अंशदान 114.00 लाख रुपये होगा. उधवा 07, तालझारी 27, राजमहल 02, पतना 36, मंडरो 83, बोरियो 34, बरहरवा 08, बरहेट 39 का नाम दर्ज है. जानकारी के अनुसार इस योजना में कार्प हैचरी, नये रिपेयरिंग तालाब का निर्माण नर्सरी, बीज रिपेयरिंग तालाब, नये ग्रो आउट तालाब का निर्माण, मिश्रित मत्स्य पालन, पंगेशियस व तिलापिया पालन, बायोफ्लॉक तालाबों का निर्माण, 4 मीटर व्यास व 1 मीटर ऊंचाई के 25 टैंक वाले बायोफ्लॉक की स्थापना, 4 मीटर व्यास व 1.5 मीटर ऊंचाई के 7 टैंक वाले बायोफ्लॉक की स्थापना, कम से कम 10 टन क्षमता वाले शीत गृह, आइस प्लांट निर्माण, कम से कम 20 टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज, आइस प्लांट निर्माण, रेफ्रिजेरेटेड वाहन, इंसुलेटेड वाहन, आइस बॉक्स के साथ मोटरसाइकिल, मछली बिक्री के लिए आइस बॉक्स के साथ तीनपहिया वाहन ई-रिक्शा देने की योजना है. इसमें केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना सहित भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के समन्वित दृष्टिकोण और अभिसरण के माध्यम से बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और आजीविका में महत्वपूर्ण अंतराल को दूर करके जनजाति क्षेत्रों और समुदायों के व्यापक विकास की परिकल्पना की गयी है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य जनजाति बहुल गांवों और आकांक्षी प्रखंडों (एस्पिरेशनल ब्लॉक्स) में जनजाति परिवारों को अधिकाधिक कवरेज करते हुए उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना है. इस योजना के तहत जनजातीय लाभुक जनित योजनाओं, जिसने कम्युनिटी फॉरेस्ट रिसोर्स (सीएफआर) होल्डर्स ऑफ़ ट्राइबल भी सम्मिलित किये गये हैं, भारत सरकार का अनुदान कुल इकाई लागत का 90% (केन्द्रांश 60% राज्यांश 40%) तथा शेष 10% लाभुक का अंशदान है. जिले की अधिकाधिक जनजाति आबादी को दाजगुआ के तहत मत्स्यिकी से जोड़ने एवं रोजगार सृजन के उद्देश्य से साहिबगंज जिला अंतर्गत 230 गांवों को केन्द्र सरकार द्वारा इस योजना हेतु चिह्नित किया गया है. साहिबगंज जिला अंतर्गत चिह्नित 236 ग्रामों में प्रस्तावित योजना अंतर्गत लाभ लेनेवाले इच्छुक व्यक्ति 28 मार्च 2025 तक जिला मत्स्य कार्यालय में आवेदन दे सकते हैं.

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