साहिबगंज : अखिल भारतीय ग्रामीण सेवक यूनियन परगना प्रमंडल के आह्वान पर साहिबगंज मुख्य डाक घर के सामने प्रमंडलीय अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडेय की नेतृत्व में ग्रामीण डाक सेवक अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर लगातार सातवें दिन सोमवार को रहे. डाक कर्मियों ने केंद्र सरकार की नीतियों को कर्मचारी विरोधी बताया. प्रमंडलीय अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडेय ने बताया कि जीडीएस कमेटी की सकारात्मक सिफारिशों एवं सप्तम वेतन आयोग द्वारा रिपोर्ट जमा करने के बावजूद सरकार की ओर से अभी तक ग्रामीण डाक कर्मचारियों को सातवें वेतन का लाभ नहीं मिला है.
सरकार के इस रवैये से ग्रामीण डाक कर्मचारियों में काफी रोष है. डाक कर्मियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है. कहा कि इसके पूर्व पिछले वर्ष 2016 अगस्त से 23 अगस्त तक बेमियादी हड़ताल पर जाने के बाद झूठा आश्वासन देकर हड़ताल समाप्त करवाया गया. किंतु कोई पहल नहीं हुई. कहा कि इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ी जायेगी. झूठे आश्वासन में इस बार हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे. जब तक सभी मांगों को पूर्ण रूप से पारित नहीं कर दे.
इस मौके पर अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडेय, सचिव सुरेश सिंह, संगठन सदस्य डोमन मंडल, मो हसीमुद्दीन, रवि कुमार शर्मा, महेंद्र प्रसाद मोदी, मो जियाउल हक, मो शमशेर आलम, शिव कुमार मंडल, मो नजरूल हक, अशोक ठाकुर, मो अजाबुल अली, कल्पना मिर्धा, मो इसलाम अंसारी सहित दर्जनों लोग शामिल थे. सात दिन तक हड़ताल पर रहने के कारण लगभग 15 करोड़ के कारोबार पर असर पड़ा है. प्रतिदिन डाक घर खुलने के आस पर लोग आते हैं, लेकिन बंद व हड़ताल को देखते हुए लौट जाते हैं. जिससे परीक्षा फार्म व जरूरी कागजात, मनीऑर्डर, स्पीड पोस्ट नहीं होने से लोगो को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
