बरहरवा के दुखियाटोला में मना सरहुल, दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक
शोभायात्रा मयूरकोला गांव का भ्रमण करते हुये करते हुये पुनः दुखियाटोला पहुंची
By ABDHESH SINGH | Updated at :
साहिबगंज (फाइल फोटो)
बरहरवा
प्रखंड क्षेत्र के मयूरकोला स्थित दुखियाटोला गांव में शनिवार को आदिवासियों का प्रमुख त्योहार सरहुल धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस दौरान अखिल भारतीय विकास परिषद् सह सरना कमेटी की ओर से भव्य और आकर्षक शोभायात्रा भी निकाली गयी. ग्रामीणों ने परंपरागत रूप से अपने इष्ट की पूजा-अर्चना की तथा गाजे-बाजे के साथ सरना स्थल से शोभायात्रा निकाली. यह यात्रा दुखियाटोला से निकल कर ढाटापाड़ा गांव का भ्रमण करते हुये बरहरवा-पाकुड़ मुख्य पथ पर गांव मयूरकोला स्थित शिव मंदिर पहुंची. जहां सरना झंडा का पूजन कर स्थापित किया गया. इसके पश्चात शोभायात्रा मयूरकोला गांव का भ्रमण करते हुये करते हुये पुनः दुखियाटोला पहुंची, जहां शोभायात्रा का समापन किया गया. इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे युवक व युवतियों एवं बुजुर्गों ने एकजुट होकर आदिवासी पारंपरिक नृत्य और गीतों के माध्यम से आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक पेश की. मौके पर जगरनाथ किस्पोट्टा, विरेन्द्र उरांव, खगेंद्र उरांव, सुनील उरांव, संजय किस्पोट्टा, राजकुमार पन्ना, फुलकुमारी उरांव सहित अन्य मौजूद थे.