साहिबगंज : जिलेभर में पानी की समस्या गंभीर होनेवाली है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के आंकड़े के अनुसार, विभाग की ओर से जिले के 166 पंचायतों में कुल 14599 चापाकल लगाये गये हैं. कुल 918 चापाकलों का पाइप नहीं बदला गया है. इस वजह से खराब पड़ा है. वहीं कुल 2057 चापाकलों के पानी का […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
साहिबगंज : जिलेभर में पानी की समस्या गंभीर होनेवाली है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के आंकड़े के अनुसार, विभाग की ओर से जिले के 166 पंचायतों में कुल 14599 चापाकल लगाये गये हैं. कुल 918 चापाकलों का पाइप नहीं बदला गया है. इस वजह से खराब पड़ा है. वहीं कुल 2057 चापाकलों के पानी का लेयर नीचे चला गया है. इस कारण बेकार पड़ा है. बहरहाल, जिले के कई ऐसे पंचायत हैं जहां अधिकांश चापाकल खराब पड़े है. ऐसे में लोगों को पानी की गंभीर समस्या से जूझना पड़ सकता है. ग्रामीण खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत को लेकर पीएचइडी विभाग का चक्कर लगा रहे हैं.
इसके बावजूद पीएचइडी की ओर से मरम्मत नहीं कराया जा रहा है. कई ऐसे गांव हैं जहां पर चापाकल खराब रहने के कारण ग्रामीण कुएं व झरने का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं. उसी से अपनी प्यास बुझाते हैं. आश्चर्य की बात है कि गर्मी शुरू होती ही क्षेत्र में पानी की समस्या से लोग जूझने लगते हैं. बावजूद विभाग जिले में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत को लेकर गंभीर नहीं है. विभाग की ओर से सुस्ती बरती जा रही है. ग्रामीणों में पीएचइडी के पदाधिकारियों के प्रति रोष देखा जा रहा है. इइ ने कहा कि अभी मैं जिले में बन रहे शौचालय का रिपोर्ट बनाने में व्यस्त हूं
चापाकलों के समीप लगी रहती है लंबी कतार
जिले के बोरियो, बरहेट, मंडरो, बरहरवा, पतना, उधवा, तालझारी, राजमहल के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में चापाकलों की स्थिति खराब है. लोग चापाकलों पर लंबी कतार में खड़े होकर पानी भरने को विवश हैं. यहां तक कि लोगों को पेयजल के लिए रात जगा करना पड़ता है. गर्मी में परेशानी और बढ़ेगी. जल संकट को लेकर लोगों में खासा आक्रोश है.
प्रखंडवार स्थिति
प्रखंड कुल संख्या खराब
साहिबगंज 1425 140
राजमहल 2289 240
उधवा 2374 250
बोरियो 1891 190
मंडरो 688 196
बरहेट 1891 190
बरहरवा 2028 297
तालझारी 1304 297
पतना 1119 235
खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत के बाबत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी से पूछताछ की गयी. कहा कि अभी मैं स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत बन रहे शौचालय का रिपोर्ट बनाने को लेकर व्यस्त हूं. जिले में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत के संबंध में कुछ भी बताने से इनकार किया. सभी प्रखंडों में जेइ को नियुक्त कर दिया गया हैं. कंट्रोल रूम बनाये गये हैं.