साहिबगंज : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की मांग भले ही हो रही है. पर ट्रेनों में महल एक या दो प्रतिशत बोगी ही आरक्षित है. साहिबगंज-मालदा रेलखंड पर अक्सर महिला बोगी में पुरुष यात्री को सफर करते देखा जाता है. ऐसे रेल यात्रियों पर कार्रवाई नहीं होती है.
नतीजा इनका मनोबल बढ़ता ही जा रहा है. रेल प्रशासन की सुस्ती के कारण ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा हो नहीं पा रही है.
यात्री बेहिचक महिला बोगी मे सफर करते हैं. कभी-कभी आरपीएफ पुलिस ने जांच अभियान में महिला बोगी में सफर करने पर यात्रियों से रेलवे एक्ट के तहत जुर्माना वसूल कर छोड़ दिया जाता है.
वहीं ट्रेन के बंगाल सीमा में घुसने के बाद एक भी यात्री महिला बोगी में सफर नहीं करते हैं.
क्या कहते हैं आरपीएफ इंस्पेक्टर : रात में साप्ताहिक ट्रेनों में आरपीएफ पुलिस स्कॉट पार्टी के रूप में तैनात रहती है. किंतु दिन में पैसेंजर ट्रेनों में आरपीएफ पुलिस द्वारा स्कॉट पार्टी की कोई व्यवस्था नहीं है. पुलिस बल की कमी के कारण महिला बोगी में स्कॉट देने का ऊपर से कोई प्रावधान नहीं है. फिर भी स्टेशन पर ट्रेन खड़ी रहने पर महिला बोगी में जांच के क्रम में धर-पकड़ कर जुर्माना वसूला जाता है. लोगों को खुद जागरूक होने की जरूरत है.
