98 दिनों से लापता रेलवे इंजीनियर का सुराग नहीं

अब टूटने लगा परिवारवालों के सब्र का बांध साहिबगंज : करीब 98 दिनों से रेलवे इंजीनियर सुखदेव तांती लापता हैं. इससे उनके परिवारवालों में सब्र का बांध टूटने लगा है. लापता सुखदेव तांती की पत्नी रूबी देवी ने कहा कि कैसे दिन रात कट रहा है यह मेरी आत्मा ही जानता है. जब पुत्र अभिषेक, […]

अब टूटने लगा परिवारवालों के सब्र का बांध

साहिबगंज : करीब 98 दिनों से रेलवे इंजीनियर सुखदेव तांती लापता हैं. इससे उनके परिवारवालों में सब्र का बांध टूटने लगा है. लापता सुखदेव तांती की पत्नी रूबी देवी ने कहा कि कैसे दिन रात कट रहा है यह मेरी आत्मा ही जानता है. जब पुत्र अभिषेक, कार्तिक व पुत्री पूजा सामने नहीं रहती है तो आंखों से आंसू बहने लगता है. पुलिस बार बार यही कह रही है कि जल्द ही आपके पति सुखदेव तांती को बरामद कर लिया जायेगा. आज 98 दिन बीत गये, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया है कि वे कहां हैं, कैसे व किस हाल में हैं. कोई खबर नहीं है जबकि जब भी पुलिस पूछताछ करती है उन्हें हर जानकारी दी जा रही है.
लापता सुखदेव के पुत्र अभिषेक ने कहा कि पुलिस ने खोजी कुत्ता को भी घर पर लाया. उसे पापा का कपड़ा सुंघाया, लेकिन खोजी कुत्ता भी नाकाम साबित हुआ. 25 फरवरी को डीआरएम डीएमयू शेड के निरीक्षण के क्रम में आकर मिली. सिर्फ आश्वासन मिला. हमलोग काफी डरे सहमे हैं. 13 जनवरी को विभाग के द्वारा चंदा इकट्ठा कर 34 हजार रुपये दिये गये थे. वह पैसा खत्म हो गया हैं. तीन माह पहले ही मालदा से पेट का इलाज कर रूबी देवी आयी थी. इलाज में भी दिक्कत हो रही हैं. रोते बिलखते प्रभात खबर को कहीं कि झरना कॉलोनी 322- ए क्वार्टर में रह रहे हैं. कई बार एसपी से भी मिल कर गुहार लगायी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. कहा जाता है कि मोबाइल लोकेशन के तहत सीडीआर खंघाला जा रहा है पता लगते ही सूचना दे दी जायेगी.
कहते हैं एसपी
महिला आकर मिली थी. पुलिस मोबाइल सीडीआर खंगाल रही है. हर बिंदु पर नजर रखकर कार्रवाई की जा रही है. जल्द ही सफलता मिलेगी.
रोड जाम कर पुलिस जीप में लगायी आग
सड़क हादसे में मृतकों की हुई पहचान, सिमलढाब गांव के रहनेवाले थे सभी
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद पसरा सन्नाटा
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सौंपा
बरहेट : थाना क्षेत्र के लौगांय गांव के समीप बरहेट-साहिबगंज मुख्य सड़क पर बुधवार शाम हादसे में तीन लोगों की मौत हो गयी थी. घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार रात को ही बोरियो-बरहेट मार्ग को छह घंटे जाम कर प्रदर्शन किया है. गुस्साये लोगों ने पुलिस की जीप को आग के हवाले कर दिया. काफी मशक्कत के बाद पुलिस मामले को सुलझाने में देर रात सफल रही. इधर, सड़क हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया था. मृतकों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया. इधर, ग्रामीण व पुलिस के बीच हाथापाई एवं आगजनी करने को लेकर देर रात घटनास्थल से लोगाई मांझी टोला के लक्ष्मण मुर्मू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी. हादसे में मृतकों की पहचान कर ली गयी है. सड़क दुर्घटना में मकबूल अंसारी (35), जावेदा बीवी (25), अहमद अंसारी (5) की मौत हो गयी थी. सभी सिमलढाब गांव के रहनेवाले थे. मकबुल की मौत के बाद पिता दास मोहम्मद अंसारी व उसकी मां विलाप कर रही थी. पिता ने बताया कि तीन बेटी व एक बेटा का भरण-पोषण कैसे होगा. यह चिंता का विषय बना हुआ है. मकबूल का बड़ा भाई अबुल अंसारी ने बताया कि दोनों कुंडली मिशन में राज मिस्त्री का काम करते थे.
कहते हैं डीएसपी
डीएसपी ललन प्रसाद ने कहा कि मृतक की पहचान व पोस्टमार्टम करा कर शव को परिजनों को सौंप दिया गया है. विधि व्यवस्था बिगाड़ना सही नहीं है. सड़क जाम करनेवालों पर भी कार्रवाई की जायेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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