सख्ती. जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक में बिफरे डीसी, कहा
450 आवेदन में महज 60 आवेदकों को मिला ऋण
साहिबगंज : जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक सोमवार को विकास भवन के सभागार में की गयी. इसकी अध्यक्षता डीसी डॉ शैलेश कुमार चौरसिया ने की. इस दौरान एलडीएम मोहन शुक्ला ने जिले के सभी बैंकों की रिपोर्ट डीसी के समक्ष प्रस्तुत की. बैंकों द्वारा बेरोजगारों को ऋण देने में कमी पर डीसी ने नाराजगी जतायी उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि आखिर बेरोजगारों को बैंक ऋण क्यों नहीं देना चाहती है. एलडीएम की ओर से प्रस्तुत की गयी रिपोर्ट में ऋण के लिए 450 आवेदन के विरुद्ध महज 60 आवेदन स्वीकृत हुए हैं. डीसी ने कहा कि पहले भी बैंकों को निर्देश दिया गया था कि आवेदन स्वीकृत करने के योग्य है तो उसे स्वीकृत करें अन्यथा कारण सहित विभाग को लौटायें. लेकिन, अब भी रिपोर्ट में 125 आवेदन प्रक्रिया में हैं.
वहीं बैठक के दौरान मनरेगा श्रमिकों के खाता खोलने का भी रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया. जिसमें बताया गया कि 99, 672 मजदूरों में से 97,930 मजदूरों का खाता खुल गया है. बाकी 1742 मजदूरों का खाता खोला जायेगा. वहीं 88,179 मजदूरों का खाता 88.4 प्रतिशत डीबीटी हुई है. वही आधार सीडिंग के मामले में निर्देश दिया गया जो भी बैंक अब आधार सीडिंग नहीं किये हो वैसे बैंक अपने खाताधारकों को जल्द से जल्द आधार सीडिंग करायें. केसीसी ऋण की भी रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी. जिसमें बताया गया कि केसीसी ऋण का 35,000 लक्ष्य निर्धारित है. जिसके विरुद्ध मात्र 5,808 केसीसी स्वीकृत किया गया है. वहीं निर्धारित लक्ष्य कुल 539.48 करोड़ की ऋण की राशि का वितरण के आलोक में 191.28 करोड़ वितरण हुआ है. एसएचजी मामले में कुल 1702 एसएचजी गठित है. जिसमें 1075 एसएचजी का बैंक खाता खोला गया. जिसमें 375 आवेदन प्रक्रिया में है. वही प्रधानमंत्री आवास योजना मामले में आवास निर्माण हेतु लाभुकों को प्रोत्साहन व सहयोग राशि दिया जा रहा है. लाभुक को अपनी राशि व्यय लगाकर योजना को पूर्ण करना है. परंतु अब तक किसी भी लाभुक को बैंक द्वारा ऋण उपलब्ध नहीं कराये जाने पर डीसी ने नाराजगी जतायी. इस मौके पर मुख्य रूप से डीडीसी नैन्सी सहाय, जिला योजना पदाधिकारी रामनिवास सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक सपन कुमार, एलडीएम मोहनलाल शुक्ला, एसबीआइ प्रबंधक संजय कुमार, डीआरडीए निदेशक मंजु रानी स्वांशी सहित कई बैंक के पदाधिकारी उपस्थित थे.
