साहिबगंज : स्वास्थ्य मंत्री की फटकार से आहत साहिबगंज के सिविल सर्जन (सीएस) ने विभागीय सचिव को पत्र लिखकर स्थानांतरण करने की मांग की है. सिविल सर्जन डॉ बी मरांडी ने पत्र में लिखा है कि साहिबगंज सदर अस्पताल में राज्य के अन्य अस्पतालों से बेहतर कार्य हो रहा है. 27 चिकित्सकों के स्थान पर मात्र छह डॉक्टर मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे हैं.
इसके बावजूद 10 जनवरी को निरीक्षण के क्रम में आये स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं नहीं देने की बात कह डांट फटकार लगायी. इन परिस्थितियों में मेरा साहिबगंज से कहीं और तबादला कर दिया जाये.
पत्र में डॉक्टरों की कमी व सुविधाओं का किया है जिक्र : सीएस ने सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि सदर अस्पताल के ओपीडी में हर दिन 250-300 रोगी इलाज कराने आते हैं. ब्लड बैंक, एक्सरे की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है. सदर अस्पताल में 27 की जगह मात्र छह डॉक्टर दिन-रात मरीजों की सेवा करते हैं. नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की घोर कमी है. इसके बावजूद मरीजों का बेहतर इलाज किया जाता है.
विधायक की शिकायत पर मंत्री ने लगायी थी फटकार : 10 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने साहिबगंज सदर अस्पताल का निरीक्षण किया था. इस दौरान उन्होंने वार्ड में मरीजों से सुविधा संबंधी पूछताछ की थी.
मौके पर मौजूद विधायक अनंत ओझा ने शिकायत की थी कि मंत्री महोदय मेरे अस्पताल को बचा लीजिए. मरीजों ने भी दवा नहीं मिलने व अन्य स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायत की थी. इस पर मंत्री ने सिविल सर्जन को फटकार लगाते हुए कहा था कि जब सरकार सभी सुविधाएं दे रही है, तो मरीजों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा है. उन्होंने उसी दिन शाम तक अस्पताल के सूचना पट्ट पर दवा की सूची टांगने व समस्याओं की लिस्ट उपलब्ध कराने की बात कही थी.
सीएस डॉ बी मरांडी ने स्वास्थ्य सचिव को लिखा पत्र, कहा
चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के बावजूद मरीजों का बेहतर इलाज होता है
सदर अस्पताल साहिबगंज में 27 के विरुद्ध मात्र छह डॉक्टर कार्यरत हैं
