बदहाली. स्वच्छता पर लाखों खर्च के बाद भी जयप्रकाश नगर की नहीं बदली सूरत
साहिबगंज : स्वच्छता अभियान पर लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी जयप्रकाश नगर की स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है. बरसात का मौसम गुजरने के बाद भी वार्ड नंबर 21 स्थित जयप्रकाश नगर के लोग जल जमाव स गंदगी के बीच नारकीय जीवन जीने को विवश हैं. संक्रमण का खतरा बना रहता है. सामाजिक कार्यकर्ता निवास यादव व रणविजय यादव ने बताया कि उपायुक्त से लेकर नप अध्यक्ष व नगर कार्यपालक पदाधिकारी तक को आवेदन देकर थक चुके हैं. पर नाला निर्माण की दिशा में पहल नहीं हो पायी है.
नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत पानी की तरह पैसे स्वच्छता पर बनाए जा रहे हैं. गंगा तट से एक किलोमीटर दूरी पर स्थित मोहल्ले के लोग गंदगी व जलजमाव के बीच रहने को विवश हैं. शहर के रिहायशी इलाकों में शुमार जयप्रकाश नगर स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ा रहा है. मुख्य सड़क पर घुटने भर नाले का पानी वर्षों से जमा है. स्कूल के बच्चे वह आम लोगों को उसी गंदगी के होकर आना जाना पड़ता है.
उन्हें ऐसा कोई आवेदन नहीं मिला है. अगर उन्हें आवेदन प्राप्त होता है. नाला निर्माण की दिशा में पहल शुरू कर दी जाती.
अमित प्रकाश, कार्यपालक पदाधिकारी
जयप्रकाश नगर में विधायक की अनुशंसा पर नाली का निर्माण कार्य शुरू
जयप्रकाश नगर में जर्जर सड़क व जल जमाव की शिकायत ग्रामीणों ने विधायक ताला मरांडी से की थी. विधायक की पहल पर कार्य शुरू हो गया है. ग्रामीण चमन लाल चौधरी, ब्रजेश कुमार, विक्रम जायसवाल ने बीते शाम विधायक को स्थिति से अवगत कराया. विधायक ने निजी फंड से 2 लाख, 60 हजार नाले निर्माण के लिए दिया.
