जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा शुक्रवार को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रम उन्मूलन और बाल अधिकारों के संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें बाल श्रम के दुष्प्रभाव के संबंध में जानकारी दी गयी. वहीं बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित बचपन का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया. डालसा चीफ एलएडीसी राजीव कमल ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के मौलिक अधिकारों का हनन है. इसके उन्मूलन के लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है. प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षित वातावरण प्राप्त करने का अधिकार है. जिसे सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. पैनल अधिवक्ता मदन मोहन राम ने बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016), किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा निःशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के संबंध में बताया. मौके पर पीएलवी चंदन कुमार, देवगी धान सहित अन्य उपस्थित थे.
चार वरिष्ठजन सहायता व सुविधा केंद्र की स्थापना
खूंटी.
नालसा (जागृति) योजना, 2025 के तहत वरिष्ठ जन अधिकार, सशक्तिकरण और गरिमा थीम के तहत शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने जिले में चार वरिष्ठजन सहायता एवं सुविधा केंद्र की स्थापना की. इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों के विधिक अधिकार, कल्याण, संरक्षण और न्याय तक पहुंच को आसान बनाया जायेगा. डालसा से जिले में बैंक ऑफ इंडिया खूंटी, खूंटी प्रखंड कार्यालय, पिपराटोली के वृद्धाश्रम और डालसा कार्यालय में केंद्र संचालित हो रहा है. डालसा सचिव कमलेश बेहरा ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर रोटेशन के आधार पर दो-दो पारा विधिक स्वयंसेवक की प्रतिनियुक्ति की गयी है. जिसमें एक महिला पीएलवी भी हैं. वे वरिष्ठ नागरिकों को सुगम, संवेदनशील और लैंगिक दृष्टि से सहायता उपलब्ध करा रहे हैं. केंद्र में उन्हें कई कानूनी जानकारी भी दी जा रही है. डालसा सचिव ने लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की है.
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