इस बार खास लोगों को भी श्रावणी मेले में आम श्रद्धालु की तरह लाइन में लग कर पूजा-अर्चना करनी होगी. सरकार ने इस बार वीआइपी इंट्री पूरी तरह बंद कर दी है. इसे लेकर मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) की अपर मुख्य सचिव व गृह सचिव वंदना डाडेल ने बुधवार को पत्र जारी किया है. इसमें लिखा गया है कि सभी श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की एक जैसी व्यवस्था होगी. इससे हर भक्त सुरक्षित और सुगम तरीके से दर्शन कर पायेगा. आम श्रद्धालुओं की नाराजगी भी दूर होगी और भीड़ को नियंत्रित करना आसान होगा.
प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी गई सूचना
श्रावणी मेले के दौरान वीआइपी दर्शन के लिए सिफारिश या अनुरोध नहीं भेजा जाये, इसलिए यह जानकारी भारत सरकार के कैबिनेट सचिव, देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों-प्रशासकों, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और सभी हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजा गया है. सरकार का तर्क है कि सावन के महीने में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबाधाम और बासुकीनाथ पहुंचते हैं, ऐसे में आम भक्तों को होने वाली परेशानी रोकने और भीड़ को बेहतर ढंग से संभालने में यह फैसला कारगर होगा.
भोले के भक्तों की लगी कतार
55 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना
53 लाख श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया था पिछले वर्ष
पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार तथा ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडेय ने मेले का शुभारंभ किया
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं मेले की व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे
देवघर और बासुकिनाथ में श्रद्धालुओं की सुविधा के व्यापक इंतजाम
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