पिपरवार. किचटो पंचायत के बनहे गांव में संयुक्त ग्राम सभा की बैठक रविवार को मुखिया संगीता देवी की अध्यक्षता में हुई. इसमें बनहे व आसपास के ग्रामीण इलाकों में सीएमपीडीआइ द्वारा भू-गर्भ में कोयले की खोज कार्य का विरोध किया गया. लोग हाथो में तख्तियां लिये जल-जंगल व जमीन हमारा है के नारे लगा रहे थे. बताया गया कि कोल इंडिया की आनुषांगिक कंपनी सीएमपीडीआइ के अधीन एशियाई एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड के द्वारा क्षेत्र में कोयले की खोज के लिए बोरिंग करने का प्रस्ताव दिया जा रहा है. इस पर ग्रामीणो ने एक स्वर में प्रस्ताव का विरोध किया. बताया गया कि यह इलाका कृषि प्रधान क्षेत्र है. यहां के लोग खेती-बाड़ी कर खुशहाल हैं. यहां के लोगों को वन उपज से अच्छी आमदनी होती है. सर्वसम्मति से ग्रामीणो ने पर्यावरण संतुलन को बनाये रखने का संकल्प लिया. बैठक में प्रस्ताव पारित कर खनन कंपनियों की किसी भी गतिविधि को सफल नहीं होने देने का निर्णय लिया गया. बैठक में आरोप लगाया गया कि सरकार कोयला रिजर्व की खोज के बहाने जमीन अधिग्रहण की तैयारी कर रही है. इसके अलावा बैठक में सरकार से क्षेत्र में बोरिंग नहीं कराने, वन अधिकार कानून 2006 के तहत सामुदायिक व व्यक्तिगत पट्टा प्रदान करने, भूमि लैंड बैंक कानून रद्द करने व क्षेत्र को पुन: केरेडारी पंचायत में शामिल करने की मांग की गयी. संचालन अनिल कुमार महतो ने किया. मौके पर अंगद महतो, रूपलाल महतो, सतेन्द्र शर्मा, तपेश्वर गंझू, मुंशी टाना भगत, नरेश महतो, विनीता देवी, उर्मिला देवी, क्रांति पटेल, गुड़िया देवी, अनीता देवी, मुनेश्वर मुंडा, द्रोपदी देवी, गणेश महतो, अजय गंझू, मन्ना महतो, टेकलाल महतो, चंद्रदेव गंझू, सालेंद्र उरांव, अशोक महतो आदि उपस्थित थे.
ग्रामीणों का आरोप : कोयला रिजर्व की खोज के बहाने जमीन अधिग्रहण की तैयारी कर रही सरकार
बनहे इलाका कृषि प्रधान क्षेत्र है, यहां के लोग खेती-बाड़ी कर खुशहाल हैं
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