डकरा: 90 के दशक में डकरा का प्रमुख शिक्षण संस्थान रहे विद्या विकास केन्द्र हाई स्कूल, सुभाषनगर से पढ़ाई करनेवाले कई पूर्व विद्यार्थियों को आज तक मैट्रिक के मूल प्रमाण पत्र नहीं मिल सके हैं. इससे छात्र और उनके अभिभावक वर्षों से परेशान हैं. यह विद्यालय सीसीएल एनके प्रबंधन के अनुदान से संचालित प्रोजेक्ट स्कूल था.
वर्ष 2000 के आसपास सीसीएल द्वारा अनुदान बंद किए जाने के बाद पुराने शिक्षक सेवानिवृत्त होते गए और विद्यालय के अभिलेखों का समुचित रखरखाव नहीं हो सका. बताया जा रहा है कि पिछले 20-25 वर्षों का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है. पूर्व विद्यार्थियों का कहना है कि नौकरी और अन्य कार्यों के लिए मूल प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ रही है, लेकिन विद्यालय से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही.
जैक कार्यालय से संपर्क करने पर उन्हें संबंधित विद्यालय से ही प्रमाण पत्र लेने की सलाह दी गयी. सुभाषनगर निवासी महेंद्र राम ने इस संबंध में खलारी थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने बताया कि उनकी बेटियां निक्की कुमारी और नीतू कुमारी ने वर्ष 2015 से 2018 के बीच इसी विद्यालय से मैट्रिक पास किया था.
वर्तमान प्राचार्य प्रदीप ठाकुर से मूल प्रमाण पत्र की मांग करने पर उन्हें बताया गया कि पूर्व प्रबंधन से पुराने अभिलेख प्राप्त नहीं हुए हैं. प्राचार्य प्रदीप ठाकुर ने बताया कि लगभग 18 वर्ष पहले विद्यालय को सुभाषनगर से मोहननगर स्थानांतरित किया गया था, लेकिन उस समय पुराने रिकॉर्ड नहीं लाए गए.
उनका आरोप है कि सेवानिवृत्त प्राचार्य अजय कुमार तिवारी ने जैक को विद्यालय बंद होने की सूचना दे दी थी, जबकि विद्यालय संचालित होता रहा. उन्होंने कहा कि विद्यालय के पुराने अभिलेख और अलमारियां सुभाषनगर स्थित आवास में होने की जानकारी मिली है, जहां पिछले तीन वर्षों से ताला लगा है.
पुलिस से विधिसम्मत कार्रवाई कर रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है. इस संबंध में पूर्व प्राचार्य अजय कुमार तिवारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी. बाद में उनकी पत्नी ने बताया कि उनकी तबीयत खराब है और इलाज के लिए बाहर गये हैं.
