रांची में युवक की हत्या करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, मंदिर से निकलते वक्त वारदात को दिया था अंजाम

Ranchi News: रांची के पंडरा क्षेत्र में मंदिर से निकलते युवक भार्गव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार बरामद किया. जमीन विवाद इस हत्या की मुख्य वजह बताया जा रहा है. एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

रांची से प्रणव की रिपोर्ट

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के पंडरा ओपी क्षेत्र में 21 अप्रैल 2026 की सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई. मनोकामना मंदिर में पूजा कर बाहर निकल रहे 28 वर्षीय भार्गव सिंह को अज्ञात अपराधियों ने गोली मार दी. गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के क्रम में उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

मौत से पहले घायल ने दी हमलावरों की जानकारी

घटना के तुरंत बाद घायल भार्गव सिंह ने पुलिस को हमलावरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी. इसी आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की. वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर जांच शुरू की.

दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद

जांच के दौरान पुलिस ने मामले में शामिल आरोपी विजय टेटे को गिरफ्तार कर लिया. वहीं दूसरा आरोपी सत्यम पाठक रांची से बक्सर (बिहार) भागने की फिराक में था, जिसे नेवरी विकास के पास से गिरफ्तार किया गया. सत्यम पाठक की निशानदेही पर कांके डैम के आसपास तलाशी अभियान चलाया गया, जहां से घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद किया गया.

पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल

बरामदगी के बाद जब पुलिस टीम वापस लौट रही थी, तभी आरोपी सत्यम पाठक ने अचानक एक पुलिस पदाधिकारी का हथियार छीन लिया और भागने की कोशिश की. इस दौरान उसने पुलिस टीम पर दो से तीन राउंड फायरिंग की. आत्मरक्षा में पुलिस ने सीमित जवाबी फायरिंग की, जिसमें सत्यम पाठक के पैर में गोली लग गई. घायल अवस्था में उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया.

जमीन विवाद बना हत्या की वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस हत्या के पीछे जमीन से जुड़ा विवाद मुख्य कारण था. आरोपी विजय टेटे ने मृतक भार्गव सिंह से जमीन दिलाने के नाम पर मोटी रकम ली थी, लेकिन जमीन देने में असमर्थ था. इसको लेकर भार्गव सिंह लगातार दबाव बना रहा था, जिससे विवाद बढ़ता गया और अंततः हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया.

आरोपी का आपराधिक इतिहास भी आया सामने

गिरफ्तार आरोपी सत्यम पाठक का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है. वह पहले भी कई गंभीर मामलों में आरोपी रह चुका है, जिसमें हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं. वह धुर्वा के पूर्व पार्षद वेद प्रकाश सिंह हत्याकांड में भी जेल जा चुका था और फिलहाल जमानत पर बाहर था.

हथियार, मोबाइल और फर्जी दस्तावेज बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से दो हथियार, आठ जिंदा गोलियां और एक खोखा बरामद किया है. इसके अलावा एक बैग में घटना के समय पहने गए कपड़े और जूते भी मिले हैं. तीन मोबाइल फोन, एक पॉकेट डायरी, फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड और यूजीसी नीट जून 2024 का एडमिट कार्ड भी बरामद किया गया है. साथ ही 5980 रुपये नकद और एक मास्क भी जब्त किया गया है.

छापेमारी टीम की अहम भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन में रांची पुलिस की विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. टीम में सहायक पुलिस अधीक्षक निखिल राय, थाना प्रभारी सुनील कुमार कुशवाहा, सनोज कुमार चौधरी, अनिल कुमार तिवारी समेत कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे. सभी ने समन्वय के साथ काम करते हुए आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की.

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इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई, जांच जारी

घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है. इस वारदात ने एक बार फिर राजधानी में बढ़ते अपराध और जमीन विवादों की गंभीरता को उजागर कर दिया है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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