रांची : एसआइआर कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षकों को अब रोज प्रतिनियुक्त स्थल पर ही उपस्थिति दर्ज करानी होगी. एसआइआर की अवधि में उन्हें ऑनलाइन उपस्थिति से छूट दी गयी है, लेकिन प्रतिदिन उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा. इसी आधार पर उनकी मासिक उपस्थिति और अनुपस्थिति की रिपोर्ट तैयार कर डीइओ और डीएसइ को भेजी जायेगी. ऐसा निर्देश शिक्षकों के एसआइआर के बहाने विद्यालयों से दूर रहने की शिकायत मिलने पर दिया गया है. बताया गया कि इस बारे में शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार को पत्र लिखा. जिसके बाद के रवि कुमार ने सभी विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को संबंधित निर्देश दिया है. आयोग ने प्रतिनियुक्त शिक्षकों का युक्तिसंगत उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
एसआईआर के लिए जरूरतभर शिक्षक ही रहेंगे
आयोग ने कहा है कि जितनी जरूरत हो, उतने ही शिक्षकों को एसआइआर कार्य में लगाया जाये. जिन शिक्षकों की फिलहाल जरूरत नहीं है, उनकी प्रतिनियुक्ति तत्काल समाप्त कर उन्हें मूल विद्यालय में वापस भेजा जाये. सभी जिलों में एसआइआर के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों की विधानसभा-वार सूची मुख्य निर्वाचन कार्यालय को 16 सितंबर की शाम पांच बजे तक भेजने के लिए कहा गया है.
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भविष्य में स्कूल अवधि के बाद होगा निर्वाचन कार्य
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था एसआइआर-2026 की संबंधित अवधि तक ही लागू रहेगी. भविष्य में निर्वाचन कार्य के लिए शिक्षकों की जरूरत पड़ने पर, जहां संभव हो, उन्हें स्कूल के निर्धारित समय के बाद चुनावी कार्य में लगाया जाये. जिससे कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो. राज्य में प्राथमिक से लेकर प्लस टू विद्यालय तक में लगभग 1.12 लाख शिक्षक कार्यरत हैं. इनमें से 30 से 35 फीसदी शिक्षकों के एसआइआर कार्य में प्रतिनियुक्त होने की बात कही जा रही है.
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