खलारी. केंद्रीय श्रमिक संगठनों के द्वारा 12 फरवरी को कोयला उद्योग में आहूत हड़ताल का रैयत विस्थापित मोर्चा ने समर्थन किया है. इसकी घोषणा विस्थापित मोर्चा एनके एरिया प्रवक्ता रामलखन गंझु ने बयान जारी की. रामलखन गंझु ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा जो चार श्रम कोड लागू किया है, जिससे सबसे ज्यादा नुकसान रैयत विस्थापितों को होगा. क्योंकि देश की ऊर्जा के लिए और खनन के लिए रैयतों ने अपनी जमीन दी है. कहा कि खनन से देश और रैयत विस्थापितों का विकास होगा. रैयत विस्थापित को हक अधिकार मिल पायेगा, लेकिन वर्तमान स्थिति में केंद्र सरकार के द्वारा जिस तरह से चार श्रम कोड लागू किये गये हैं, जिससे जिन रैयत विस्थापित ने जमीन देकर आज नौकरी कर रहे हैं, उनके हक अधिकार की आवाज अब दब जायेगी. जो एक चिंता का विषय है. इसलिए 12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने के लिए रैयत विस्थापित भी संयुक्त मोर्चा के साथ हड़ताल को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभायेंगे.
रैयत विस्थापित मोर्चा 12 फरवरी की हड़ताल का समर्थन करेगा
केंद्रीय श्रमिक संगठनों के द्वारा 12 फरवरी को कोयला उद्योग में आहूत हड़ताल का रैयत विस्थापित मोर्चा ने समर्थन किया है.
