रांची: जंक फूड का बढ़ता चलन, धूप से दूरी और बदलती लाइफस्टाइल का असर लोगों की हड्डियों पर पड़ रहा है. शरीर में दर्द और जकड़न की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में लोग डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं. जांच के दौरान कई लोगों में विटामिन डी की कमी सामने आ रही है.
बदलती जीवनशैली और पैक्ड फूड पर बढ़ती निर्भरता
शनिवार को मंगलम बैंक्वेट हॉल में इस्ट जोन आर्थोपेडिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित दो दिवसीय सेमिनार में कोलकाता के हड्डी रोग विशेषज्ञ और इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन के सचिव डॉ राजीव रमण ने हड्डियों की सेहत को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली और पैक्ड फूड पर बढ़ती निर्भरता के कारण शरीर को जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहे हैं. डॉ राजीव रमण ने कहा कि कैल्शियम और विटामिन डी की कमी दूर करने के लिए लोगों को शारीरिक मेहनत बढ़ानी चाहिए और पारंपरिक खान-पान को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए. उन्होंने शरीर को रोज करीब 15 मिनट धूप दिखाने की सलाह दी.
कलाई के फ्रैक्चर और ट्रॉमा के आधुनिक इलाज पर चर्चा
सेमिनार में रांची के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ सुधीर कुमार ने हड्डियों के ट्रॉमा और कलाई की स्कैफॉइड हड्डी के फ्रैक्चर के आधुनिक इलाज के बारे में जानकारी दी. उन्होंने इलाज की नई तकनीकों और उनके उपयोग पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा की. आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ पंकज कुमार और सचिव डॉ नितेश प्रिया ने बताया कि सेमिनार का उद्देश्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुभव और इलाज की नयी तकनीकों को साझा करना है. इससे मरीजों को बेहतर और आधुनिक इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
कई चिकित्सक रहे मौजूद
सेमिनार में डॉ गोविंद गुप्ता, डॉ संजय जायसवाल, डॉ मनीष राज, डॉ निर्मल, डॉ एस अयान, डॉ निलेश मिश्रा, डॉ पवन वर्णवाल समेत कई अन्य चिकित्सक मौजूद थे.
