रांची. द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति की रक्षा पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म ही हिंदू धर्म है और प्रत्येक भारतीय में इसकी रक्षा के प्रति आस्था और सम्मान की भावना होनी चाहिए. बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में वर्तमान चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत लाखों वर्षों से संस्कृति का पोषक रहा है और इसकी मूल पहचान को सुरक्षित रखना सभी का कर्तव्य है. हिंदुओं में स्वाभिमान जागृत होना चाहिए, जिससे गौमाता और परंपराओं की रक्षा की जा सके. शंकराचार्य ने बताया कि रांची में यह उनका पहला प्रवास है, लेकिन उनके गुरुजी यहां कई बार आ चुके हैं. उन्होंने झारखंड के लोगों के संस्कार और संस्कृति की सराहना की और कहा कि वे इससे प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश में अच्छा कार्य कर रही है. इसी सरकार के दौरान धारा 370 हटायी गयी. राम मंदिर का निर्माण हुआ.
भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की आवश्यकता
शंकराचार्य ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की वकालत करते हुए कहा कि इसके लिए विशेष कानून बनाये जाने चाहिए. इसके लिए संसद में हमारी संख्या 400 होनी चाहिए. तब यह लक्ष्य और अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकेगा. क्योंकि सभी राष्ट्रों का अपना-अपना धर्म है.धर्म परिवर्तन एक गंभीर समस्या
शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने धर्म परिवर्तन को एक बड़ी समस्या बताया. उन्होंने कहा कि भोले-भाले लोग लालच में आकर अपना धर्म बदल लेते हैं, जिसे रोकने के लिए छोटे स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं. उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति किसी प्रलोभन में आकर धर्म परिवर्तन न करे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
