Sahara India Scam, रांची : सहारा इंडिया की विभिन्न सोसाइटियों और कंपनियों में अपनी गाढ़ी कमाई जमा कर चुके झारखंड के लाखों निवेशकों के लिए रविवार का दिन बड़ा होने जा रहा है. अपने फंसे हुए 32 हजार करोड़ रुपये की वापसी की मांग को लेकर पीड़ित निवेशक और एजेंट संयुक्त रूप से रांची स्थित लोकभवन के समीप अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू कर रहे हैं. राज्यभर से करीब 400 से 500 निवेशकों और एजेंटों के जुटने की सूचना मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच ने पूरे झारखंड में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. स्पेशल ब्रांच ने डीजीपी, सभी प्रमंडलीय आयुक्त जोनल आईजी, रेंज डीआईजी और जिलों के एसपी को सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने और कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं.
आंदोलनकारियों की 4 प्रमुख मांगें
जनसेवा संस्थान के बैनर तले आयोजित इस सत्याग्रह की अगुवाई राष्ट्रीय सचिव नागेंद्र कुमार, अध्यक्ष अशोक कुमार राम, प्रदेश अध्यक्ष सफकत नाज और प्रदेश सचिव संतोष साहू कर रहे हैं. इनकी मुख्य मांगें कि राज्य सरकार का हस्तक्षेप करें. झारखंड के निवेशकों के फंसे 32,000 करोड़ रुपये वापस कराने के लिए राज्य सरकार न्यायालय/संबंधित मंचों पर हस्तक्षेप याचिका दाखिल करें. इसके अलावा सहारा इंडिया से जुड़े संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएं. उन्होंने पीड़ितों की शिकायतों और मामलों की समयबद्ध सुनवाई के लिए एक अलग जांच आयोग का गठन करने की मांग की है. साथ ही आर्थिक तंगी और मानसिक प्रताड़ना के कारण जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिजनों को वित्तीय सहायता दी जाए.
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86,673 करोड़ रुपये के घोटाले का हुआ था जिक्र
उल्लेखनीय है कि पुलिस मुख्यालय की एक पूर्व रिपोर्ट (तत्कालीन डीजीपी अनुराग गुप्ता द्वारा राज्य सरकार को भेजी गई रिपोर्ट) में सहारा समूह की विभिन्न सोसाइटियों में जमा राशि का आंकड़ा 86,673 करोड़ रुपये बताया गया था. सोसाइटी-वार आंकड़ों का विवरण इस प्रकार है.
- सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड: 47,245 करोड़ रुपये
- सहारा इंडिया कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड: 12,958 करोड़ रुपये
- सहारा स्टार मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी: 8,470 करोड़ रुपये
- सहारा मल्टीपर्पज सोसाइटी: 1,800 करोड़ रुपये
निवेशकों का कहना है कि वे सालों से अपनी मेहनत की कमाई का इंतजार कर रहे हैं. अब बिना ठोस सरकारी हस्तक्षेप और स्पष्ट आश्वासन के आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा.
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