रिम्स में डॉक्टरों को मिला Knee Replacement की आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण, मरीजों को होगा सीधा लाभ

रिम्स रांची में आयोजित बेसिक नी आर्थ्रोप्लास्टी कोर्स में डॉक्टरों को घुटना प्रत्यारोपण की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा।

रांची. रिम्स के हड्डी रोग विभाग की ओर से रविवार को ‘रिम्स बेसिक नी आर्थ्रोप्लास्टी कोर्स-2026’ का आयोजन किया गया. विभागाध्यक्ष डॉ गोविंद कुमार गुप्ता के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में हड्डी रोग विशेषज्ञों और जूनियर डॉक्टरों को घुटना प्रत्यारोपण की आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया.

मरीज चयन से सर्जिकल तकनीक तक दी जानकारी

एम्स भुवनेश्वर के डॉ सुजीत त्रिपाठी और एम्स कल्याणी के डॉ सम्राट ने घुटना प्रत्यारोपण की नयी तकनीकों की जानकारी दी. उन्होंने मरीज के चयन, ऑपरेशन से पूर्व तैयारी, सर्जिकल एप्रोच, बोन कट, इंप्लांट पोजिशनिंग, सॉफ्ट टिश्यू बैलेंसिंग और अलाइनमेंट तकनीक के बारे में विस्तार से बताया.

इस दौरान मॉडल बोन पर टोटल नी आर्थ्रोप्लास्टी की विभिन्न तकनीकों का हैंड्स-ऑन अभ्यास भी कराया गया.

नयी तकनीक सीखने का लाभ मरीजों को मिलेगा

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रिम्स निदेशक डॉ डीके सिन्हा शामिल हुए. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट्स को काफी लाभ मिलेगा. डॉक्टर जब इलाज की नयी तकनीक सीखेंगे, तो इसका सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा. आयोजन में सचिव डॉ अभिषेक और डॉ सपन कुमार का सहयोग रहा.

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लेखक के बारे में

By राजीव पांडेय

राजीव पांडेय, चीफ रिपोर्टर, प्रभात खबर रांची. 15 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. प्रभात खबर में हेल्थ से संबंधित कई रिपोर्ट ब्रेक किया है, जिसको देश स्तर पर पहचान मिला.मुझे वर्ष 2023 में लाडली मीडिया से सम्मानित भी किया गया है. रीच संस्था से टीबी, एनसीडी और डायबिटीज पर फेलोशिप भी मिला है
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