'अपराध नियंत्रण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, 90 दिनों में दाखिल करें चार्जशीट', रांची SSP ने अफसरों को चेताया

रांची पुलिस कार्यालय में एसएसपी राकेश रंजन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और लंबित मामलों के निष्पादन पर जोर दिया गया. एसएसपी ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण पुलिस की पहली प्राथमिकता है और इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

रांची से राजेश कुमार की रिपोर्ट

रांची : रांची के पुलिस कार्यालय में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और लंबित मामलों के निष्पादन को लेकर रविवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. इसकी अध्यक्षता वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने किया. बैठक में सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, ट्रैफिक एसपी, सभी डीएसपी, थाना प्रभारी और ट्रैफिक अधिकारी शामिल हुए. बैठक के दौरान एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और कानून-व्यवस्था को बेहतर पुलिस की पहली प्राथमिकता है. उन्होंने अनुसंधान में अधिकारियों को 60 से 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने का आदेश दिया.

जेल से बाहर अपराधियों की गतिविधियों पर रखे नजर: एसएसपी

रांची एसएसपी ने साफ कहा कि अपराधियों, असामाजिक तत्वों एवं जेल से बाहर आये अपराधियों की पहचान कर गतिविधियों पर नजर रखें. इसमें कोई कोताही न बरतें. थाना प्रभारी खुद रात में क्षेत्र भ्रमण और पेट्रोलिंग की निगरानी रखें. साथ ही सर्विलांस प्रोसेडिंग के तहत ऐसे अभियुक्तों को चिन्हित किया जाये, जो विशेष रूप से एनडीपीएस एवं अन्य गंभीर अपराधों में शामिल, जेल से छूट कर एवं जिनके खिलाफ दो या दो से अधिक कांड दर्ज हैं, ऐसे चिन्हित अपराधियों के विरुद्ध नियमानुसार निगरानी प्रस्ताव तैयार करें और कार्रवाई करें.

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पीड़ितों के साथ रखें संवेदनशील व्यवहार : एसएसपी

एसएसपी ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों को प्राथमिकी (एफआइआर) दर्ज कराने के लिए भटकना न पड़े. पीड़ित पक्ष की शिकायत पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया जाए. साथ ही रात्रि गश्ती और क्यूआर कोड आधारित पेट्रोलिंग को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया.

समीक्षा बैठक के मुख्य दिशा-निर्देश

  • भूमि विवाद से जुड़े मामलों की गंभीरता से जांच कर त्वरित निष्पादन करें.
  • गुमशुदा व्यक्तियों और बच्चों की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाये.
  • आइटी एक्ट के मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा कर समय सीमा में जांच पूरी करें.
  • सीइआइआर पोर्टल के माध्यम से गुम मोबाइल को ट्रेस कर असली मालिकों को सौंपें.
  • मालखाना में जब्त सामानों व वाहनों का अदालती आदेश प्राप्त कर शीघ्र निस्तारण करें.
  • चोरी, चेन स्नैचिंग, अवैध हथियार और एनडीपीएस के मामलों में संलिप्त अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करें.
  • जेल से छूटे और आदतन अपराधियों (विशेष कर पोक्सो व एनडीपीएस) का सत्यापन कर निगरानी बढ़ायें.
  • चरित्र प्रमाण पत्र और पासपोर्ट सत्यापन के आवेदनों का तय समय में निपटारा सुनिश्चित करें.
  • इ-साक्ष्य ऐप का प्रभावी उपयोग कर साक्ष्यों को सही तरीके से एकत्र और अपलोडिंग करें.
  • शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात रखें.

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लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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