रांची से उत्तम महतो की रिपोर्ट
Ranchi Municipal Corporation, रांची : झारखंड की राजधानी रांची की नदियों और जलाशयों की साफ-सफाई और संरक्षण को लेकर नगर निगम प्रशासन अब गंभीर हो चुका है. यही वजह है कि शनिवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने खुद मोर्चा संभालते हुए वार्ड-43 स्थित भुसूर नदी और वार्ड-36 स्थित डिबडीह नदी का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नदी क्षेत्र की वर्तमान दयनीय स्थिति का बारीकी से जायजा लिया. नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी हाल में नदी क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
नदियों से गाद और जलकुभी साफ करने के लिए निर्देश
नगर आयुक्त ने पूरे नदी क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने, अवैध निर्माणकर्ताओं को नोटिस थमाने और नदियों के भीतर से गाद (silt) और जलकुंभी को पूरी तरह से साफ करने का आदेश दिया है. सफाई कार्य को गति देने के लिए उन्होंने जेसीबी के साथ-साथ मैन्युअल तरीके से (श्रमिकों के माध्यम से) भी सफाई कराने का निर्देश दिया है, ताकि नदी की मूल धारा को बहाल किया जा सके. इस निरीक्षण के दौरान उपनगर आयुक्त रवींद्र कुमार सहित सहायक नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक और स्वच्छता शाखा के तमाम कर्मी मौजूद थे.
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ड्रेनेज बहाने वालों पर लगेगा जुर्माना
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने हरमू बाइपास की स्थिति पर भी कड़ा रुख अपनाया. डीपीएस (DPS) के समीप सड़क के किनारे हुए अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया गया है. साथ ही, उन्होंने एक और महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कहा है कि जो भी लोग अपने भवनों से निकलने वाले ड्रेनेज के गंदे पानी को सीधे नदी या मुख्य सड़क पर प्रवाहित कर रहे हैं, उन्हें तत्काल रोका जाए. ऐसे लोगों को चिह्नित कर उन पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाए. निगम के इस फैसले से अब उन लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं जो शहर के ड्रेनेज सिस्टम को दूषित कर रहे हैं. नगर आयुक्त की इस कार्रवाई को रांची के जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है.
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