रांची: राजधानी रांची के कांटाटोली स्थित बंगाली कॉलोनी में एक आदिवासी युवती के साथ हुए अभद्र व्यवहार के विरोध में बुधवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई. घटना 13 सितंबर की रात की बताई जा रही है, जिसके बाद पीड़िता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर न्याय और मदद की गुहार लगाई थी. वीडियो सामने आते ही विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में बंगाली कॉलोनी पहुंच गए. इस दौरान आदिवासी प्रतिनिधियों और स्थानीय मोहल्लेवासियों के बीच तीखी बहस और कहासुनी हुई, जिससे मौके पर काफी हंगामा हुआ.
चंदा मांगने को लेकर हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत कुछ युवकों द्वारा कॉलोनी में चंदा मांगने के दौरान हुई कहासुनी से हुई, जिसके बाद बात काफी बढ़ गई. मामले को लेकर पीड़िता ने एससी-एसटी (SC-ST) थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है. दर्ज शिकायत में पीड़िता ने कुछ गैर-आदिवासी युवकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जातिसूचक गालियां दी गईं और उसका चरित्र हनन करने की कोशिश की गई.
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पुलिस ने संभाला मोर्चा, मौके पर पहुंचे कई प्रतिनिधि
घटना और हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और उग्र आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया. पुलिस फिलहाल पूरे मामले की वैज्ञानिक व कानूनी जांच में जुटी है. इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान मौके पर मुख्य रूप से ज्योत्सना केरकेट्टा, बाहा लिंडा, अंशु लकड़ा, जास्मिन कच्छप, सेलिना लकड़ा, प्रेमशाही मुंडा, राकेश बड़ाईक, चाल्से मिंज और स्थानीय पार्षद कुलभूषण डुंगडुंग समेत कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे.
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