Rajya Sabha Election: परिमल नाथवानी, बैद्यनाथ राम और प्रणव झा ने नामांकन किया दाखिल, जीत के किए दावे

Rajya Sabha Election: झारखंड राज्यसभा चुनाव में परिमल नाथवानी, बैद्यनाथ राम और प्रणव झा ने नामांकन दाखिल किया. तीनों उम्मीदवारों ने अपनी जीत का दावा किया. नाथवानी को एनडीए का समर्थन मिला, जबकि झामुमो और कांग्रेस ने भी पूरी ताकत झोंकी. राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.

रांची से सतीश कुमार की रिपोर्ट

Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की रिक्त सीटों के लिए चल रही चुनावी सरगर्मी के बीच सोमवार को नामांकन का दौर जारी रहा. परिमल नाथवानी ने निर्दलीय, बैद्यनाथ राम ने झामुमो और प्रणव झा ने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. तीनों प्रत्याशियों ने दो-दो सेटों में अपना नामांकन पत्र सौंपा.

मैं बाहरी नहीं, झारखंड का काम बोलता है: परिमल नाथवानी

निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने के बाद परिमल नाथवानी ने अपनी जीत के प्रति पूर्ण विश्वास जताया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी लगातार बातचीत होती रही है अपने ऊपर लगने वाले ‘बाहरी’ होने के आरोपों का खंडन करते हुए नाथवानी ने कहा, “मैं बाहरी नहीं हूं. मैंने पिछले 12 वर्षों तक राज्यसभा सांसद के रूप में झारखंड के लिए काम किया है. यहां के लोग मेरी कार्यशैली और कार्यों से भली-भांति परिचित हैं.” उल्लेखनीय है कि एनडीए के 20 विधायकों ने उनके प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए हैं.

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झामुमो और कांग्रेस की सक्रियता बढ़ी

नामांकन प्रक्रिया में सत्ताधारी गठबंधन के घटक दल भी पूरी तरह सक्रिय दिखे. झामुमो प्रत्याशी बैद्यनाथ राम ने नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी प्राथमिकता झारखंड के हितों की रक्षा करना और राज्य के विकास के लिए काम करना होगा. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के नामांकन में राजद की महत्वपूर्ण भूमिका दिखी. राजद के तीन विधायकों ने प्रणव झा के प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए, जो महागठबंधन की एकजुटता को दर्शाता है. इस नामांकन के बाद राज्य में राजनीतिक समीकरणों पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं. चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही अब जोड़-तोड़ और समर्थन जुटाने की कवायद और तेज होने की संभावना है.

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Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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