एडमिट कार्ड नहीं मिलने से आहत परीक्षार्थी ने जहर खाकर दी जान
राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय, राय के मैट्रिक परीक्षार्थी पवन नायक (16) ने सल्फास की गोली खाकर आत्महत्या कर लेने का मामला प्रकाश में आया है.
प्रतिनिधि, पिपरवार
राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय, राय के मैट्रिक परीक्षार्थी पवन नायक (16) ने सल्फास की गोली खाकर आत्महत्या कर लेने का मामला प्रकाश में आया है. वह स्कूल से एडमिट कार्ड नहीं मिलने से आहत था. परिजनों के अनुसार स्कूल के शिक्षकों ने एडमिट कार्ड के एवज में 1500 रुपये की मांग की थी. स्कूल में पैसा जमा करने के बाद भी उसे एडमिट कार्ड नहीं दिया गया. जानकारी के अनुसार सोमवार रात सल्फास खाने के बाद उसे इलाज के लिए सेंट्रल अस्पताल डकरा ले जाया गया. लेकिन, उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे रेफर कर दिया था. बाद में उसे कॉन्स्टेंट लिवेन्स अस्पताल मांडर में भर्ती कर इलाज किया जा रहा था. इस दौरान मंगलवार रात उसने दम तोड़ दिया. मांडर थाना पुलिस को दिये बयान में उसने बताया था कि वह स्कूल से एडमिट कार्ड नहीं मिलने से आहत था. इसकी वजह से उसने यह कदम उठाया था. इस संबंध में मृतक छात्र के मामा सुदामा कुमार ने मांडर थाना में शिकायत दर्ज करायी है. बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव राय बस्ती पहुंचने पर घर में चिख-पुकार मच गयी. मृतक के पिता भरत नायक व मां का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों ने सपही नदी स्थित श्मशान घाट में शव का अंतिम संस्कार कर दिया. परिजनों ने प्रशासन से स्कूल में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच कर दोषी शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है.परीक्षा फॉर्म ही नहीं भरा था पवन
स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक नेसान अहमद ने कहा कि पवन नायक ने परीक्षा फाॅर्म भरा नहीं था. वह कभी-कभार स्कूल आता था. स्कूल में मात्र 20 प्रतिशत उपस्थिति थी. जबकि सरकारी गाइड लाइन के अनुसार कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी है. इसलिए उसे फॉर्म भरने से मना कर दिया गया था. एडमिट कार्ड के लिए पैसे मांगने की बात सरासर गलत है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
