रांची से सतीश सिंह की रिपोर्ट
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने छात्रों के समर्थन में अपना अनशन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है. सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के बैनर तले आंदोलनरत छात्रों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की है. छात्रों ने सीबीआई जांच की अनुशंसा के लिए 60 दिन का समय राज्य सरकार को दिया है. मैं छात्रों के संघर्ष, समर्पण और सरोकार को नमन करता हूं. मैं छात्रों की घोषणा का सम्मान करते हुए उनके निर्णय के समर्थन में अपना प्रस्तावित एकदिवसीय सांकेतिक अनशन स्थगित करता हूं.
छात्रों की मांग पर सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम
मैंने आंदोलनरत छात्रों के मंच से सरकार को चेतावनी दी थी कि एक सप्ताह में छात्रों की मांगे माने, अन्यथा मैं भी भगवान बिरसा मुंडा स्मारक स्थल में उत्पाद सिपाही दौड़ के दौरान जिन अभ्यर्थियों की मृत्यु हुई है, उन 19 बच्चों को श्रद्धांजलि देते हुए एकदिवसीय अनशन करूंगा. उन्होंने आगे कहा कि छात्रों के आंदोलन को भाजपा का नैतिक समर्थन भी प्राप्त था. छात्रों की कुछ मांगों पर सरकार ने निर्णय लिया है, लेकिन उनकी मुख्य मांग सीबीआई जांच की घोषणा है, जिसके लिए छात्रों ने 60 दिन का समय राज्य सरकार को दिया है.
रघुवर दास ने सरकार के सामने रखीं तीन बड़ी मांगें
मैं सरकार से मांग करता हूं कि परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराई जाए. उत्पाद सिपाही भर्ती में दौड़ के दौरान मारे गए 19 झारखंडी-मूलवासी छात्रों को 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा दे. कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व के आदेशों के अनुसार JSSC CGL परीक्षार्थियों के मामले में पूरी नियुक्ति को रद्द न करें, बल्कि मेरिट वाले अभ्यर्थी और दागदार अभ्यर्थियों के बीच अंतर होना चाहिए, जिसके लिए व्यापक जांच जरूरी है. पूर्व सीएम ने यह भी कहा कि जो छात्र मेरिट के आधार पर चयनित हुए हैं, उनके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, लेकिन जो लेन-देन कर नौकरी में आये हैं वैसे छात्रों को चिह्नित कर सरकार उन्हें नौकरी से तत्काल बर्खास्त करे.
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