झारखंड की निलंबित आईएएस पूजा सिंघल को 28 महीने बाद मिली जमानत

Pooja Singhal IAS Bail: झारखंड की निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को आखिरकार जमानत मिल ही गई. 28 महीने बाद देश के नए कानून के तहत पूजा को राहत मिली है.

Pooja Singhal IAS Bail: झारखंड की निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को आखिरकार 28 महीने बाद जमानत मिल ही गई. प्रीवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) कोर्ट ने शनिवार को उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली.

स्पेशल जज पीके शर्मा की अदालत से पूजा सिंघल को मिली जमानत

पूजा सिंघल की याचिका पर शुक्रवार को भी पीएमएलए के स्पेशल जज पीके शर्मा की अदालत में सुनवाई हुई थी. कोर्ट ने कहा था कि सुनवाई शनिवार को भी जारी रहेगी. शनिवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पूजा सिंघल को जमानत देने का फैसला किया.

निलंबित आईएएस को बीएनएसएस के प्रावधान के तहत मिली राहत

पूजा सिंघल को भारत नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (बीएनएसएस 2023) के एक प्रावधान के तहत जमानत मिली है. इस कानून में प्रावधान है कि अगर कोई आरोपी लंबे समय से जेल में बंद है और उसने उस मामले में दी जाने वाली कुल सजा की एक तिहाई अवधि जेल में बिता ली है, तो उसे जमानत दी जा सकती है.

जेल अधीक्षक की रिपोर्ट के बाद कोर्ट ने पूजा सिंघल को दी राहत

इसी आधार पर पीएमएलए की स्पेशल कोर्ट के जज ने पूजा सिंघल को जमानत दी है. कोर्ट ने इससे पहले बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट से पूछा था कि पूजा सिंघल कब से जेल में बंद हैं. उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि कितनी है. जेल अधीक्षक का जवाब मिलने के बाद कोर्ट ने निलंबित आईएएस को जमानत दे दी.

Also Read

court news : कोर्ट ने काराधीक्षक से पूछा, बतायें कब से जेल में हैं पूजा सिंघल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >