रांची. पाइपलाइन बिछाने के नाम पर जुडको शहर को नर्क बना रहा है. महीनों तक सड़क को खोद कर छोड़ दिया जा रहा है. रीस्टोर के नाम पर सड़कों पर केवल डस्ट डाल कर छोड़ दिया जाता है. लगातार उड़ते धूल के गुबार की वजह से लोगों का चलना भी मुश्किल हो गया है. पाइपलाइन बिछाने का काम समाप्त होने के बाद भी पिछले पांच महीनों से सर्कुलर व कोकर रोड को रिस्टोर नहीं किया गया है. केवल डस्ट डाल कर जुडको ने अपना पल्ला झाड़ लिया है. इन सड़कों पर पूरे दिन धूल का गुबार उड़ता रहता है. धूल की मात्रा इतनी अधिक है कि सांस लेना भी मुश्किल हो गया है. बिना मास्क लगाये सड़कों से गुजरना बड़ी परेशानी का कारण बन गया है. दो-पहिया वाहन चालकों को भी धूल से काफी दिक्कत हो रही है. हेलमेट लगा कर रखने पर सामने की सड़क तक नजर नहीं आ रही है.
पॉलिथीन से पैक किया दुकानों को
रात-दिन उड़ती इस धूल के कारण जहां इस सड़क से आवागमन करने वाले राहगीर व अगल-बगल में रहने वाले लोग परेशान हैं. वहीं इसका सबसे बुरा असर इस सड़क पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों पर पड़ी है. रात-दिन उड़ने वाली धूल के इस गुबार से बचने के लिए अब दुकानदारों ने अपनी फल दुकान से लेकर गुमटी को पूरी तरह से पॉलिथीन से घेर दिया है. जैसे ही यहां कोई ग्राहक पहुंचता है, उसे पॉलिथीन उठाकर अंदर प्रवेश कराया जाता है.पानी छिड़काव के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
सड़क पर आवागमन करने वाले लोगों को धूल के गुबार का सामना न करना पड़े, इसके लिए टैंकर से पानी का छिड़काव भी किया जाता है. लेकिन यह भी केवल दिखावा है. कभी एक बार तो कभी दो बार पानी का छिड़काव होता है. यह पानी भी मात्र एक घंटे में सूख जाता है. फिर सूखने के बाद दोबारा धूल हवा में उड़ने लगती है.
