Ranchi : रांची के खूंटी प्रखंड के बाड़ी निजकेल पंचायत अंतर्गत चाड़ाडीह गांव में किसानों ने अवैध अफीम की खेती छोड़कर टमाटर की खेती को अपनाना शुरू किया है. किसान मांगा मुंडा ने इस वर्ष करीब तीन एकड़ जमीन में हाइब्रिड किस्म के टमाटर के लगभग सात हजार पौधे लगाये हैं. उनका कहना है कि टमाटर की खेती से उन्हें करीब ढाई लाख रुपये तक की आमदनी होने की उम्मीद है.
पहले करते थे अफीम खेती
विधायक प्रतिनिधि मनोज मंडल ने बताया कि क्षेत्र में पहले अफीम की खेती की जाती थी और कई लोगों पर मामले भी दर्ज हुए हैं. इसके बाद स्थानीय विधायक विकास सिंह मुंडा से परामर्श कर किसानों को वैकल्पिक खेती से जोड़ने का प्रयास किया गया. उन्होंने कहा कि किसानों को ड्रिप इरीगेशन, लिफ्ट इरीगेशन, बोरिंग के साथ खाद और बीज उपलब्ध कराने में हरसंभव सहयोग किया जायेगा. मनोज मंडल ने कहा कि पूर्व मंत्री शहीद रमेश सिंह मुंडा का अड़की क्षेत्र से काफी प्रेम था. दक्षिणी अड़की का विकास ही शहीद रमेश सिंह मुंडा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
प्रशिक्षण लेकर शुरू की टमाटर की खेती
किसानों को वैकल्पिक और लाभकारी खेती से जोड़ना भी क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. किसान बिरसा मुंडा ने बताया कि पहले क्षेत्र में लाह की खेती होती थी. बाद में ग्रामीण अफीम की खेती करने लगे. जब उन्हें जानकारी हुई कि अफीम की खेती अवैध है, तो उन्होंने इसे छोड़ दिया. इसके बाद रामकृष्ण मिशन आश्रम से टमाटर की खेती का प्रशिक्षण लेकर उन्होंने वैकल्पिक खेती शुरू की.
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सम्मानित किया गए किसान
इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि मनोज मंडल, तिनतिला पंचायत मुखिया लक्ष्मण मुंडा और संतोष कुम्हार ने किसान मांगा मुंडा, करुणा देवी, बिरसा मुंडा और मांगरु मुंडा को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. ग्रामीणों ने टमाटर जैसी वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने को क्षेत्र के लिए सकारात्मक बदलाव बताया.
