भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून नहीं, इसलिए मानव तस्कर सक्रिय : डॉ जोसेफ

जेवियर्स इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विसेज (एक्सआइएसएस), रांची के निदेशक डॉ जोसेफ मरियानूस कुजूर एसजे ने कहा कि विदेश में बच्चों की सुरक्षा पर सख्त कानून बनाये गये हैं.

रांची. जेवियर्स इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विसेज (एक्सआइएसएस), रांची के निदेशक डॉ जोसेफ मरियानूस कुजूर एसजे ने कहा कि विदेश में बच्चों की सुरक्षा पर सख्त कानून बनाये गये हैं. इससे अभिभावक भी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार नहीं कर सकते. भारत में अब तक बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कानून का निर्धारण नहीं हो सका है. यही कारण है कि बच्चे मानव तस्करी का शिकार होते हैं. डॉ कुजूर बुधवार को यूनिसेफ के सहयोग से नेशनल यूनिवर्सिटी फॉर स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (एनयूएसआरएल) रांची में एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर विशिष्ट अतिथि सह वक्ता बोल रहे थे. इसका विषय था : बेस्ट इंट्रेस्ट ऑफ चाइल्ड एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन : चैलेंजेज इन इंटरप्रेटेशन एंड इंफॉर्समेंट और इस पर दिन भर चर्चा हुई. डॉ जोसेफ ने कहा कि आंकड़े बताते हैं देश में 5000 से अधिक एजेंसियां मानव तस्करी में सक्रिय हैं. प्रशासन को मानव तस्करों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की जरूरत है. साथ ही समाज के लोगों को भी बाल संरक्षण के प्रति जागरूक और सचेत करने की जरूरत है. इससे देश के बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सकेगा. इस मौके पर संस्था के चाइल्ड राइट सेंटर के को-हेड डॉ जिसू केतन पटनायक ने विषय पर प्रकाश डाला. बताया कि राज्यों के जरूरतमंद बच्चों की स्थिति का विश्लेषण करना जरूरी है. बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखकर संबंधित समाधान खोजने की जरूरत है. इससे बाल संरक्षण को मजबूती मिलेगी.

बाल अधिकार केंद्र के गठन पर विमर्श

सम्मेलन में किशोर न्याय बोर्ड व बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने बाल अधिकार केंद्र के गठन पर विमर्श किया. साथ ही राज्य सरकार को नीति निर्धारण में करने की अपील की. तकनीकी सत्र के दौरान देशभर से चिह्नित किये गये 58 शोधपत्र में से 30 शोध पत्र को चार अलग-अलग सत्र में पेश किया गया. शोधार्थियों ने अनुसंधान रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न क्षेत्र में प्रशिक्षण, अधिकारियों को बाल अधिकारों से संबंधित कल्याण कानून को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने जैसे सुझाव दिये. इस अवसर पर एनयूएसआरएल रांची के वीसी डॉ अशोक आर पाटील, यूनिसेफ की एजुकेशन स्पेशलिस्ट पारूल, डॉ के श्यामला समेत अन्य माैजूद थे.

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