NITI Aayog SDG Index 2021 : बेहतर कानून व्यवस्था के मामले में झारखंड का 21 वां स्थान, प्रति एक लाख आबादी पर बच्चे से जुड़ा अपराध 12.7 प्रतिशत, जानें बिहार यूपी का हाल

नीति आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों की सामाजिक, आर्थिक व पर्यावरण के क्षेत्र में प्रगति का व आधार का आकलन कर वित्तीय वर्ष 2020-21 के एसडीजी (सस्टनेबल डेवलपमेंट गोल्स) इंडिया सूचकांक जारी किया है. इसमें बेहतर कानून व्यवस्था के मापदंड पर पूरे देश में झारखंड पुलिस को 70 अंकों के साथ 21वें नंबर पर रखा गया है.

  • प्रति एक लाख आबादी पर 4.3 फीसदी हो रही है हत्या

  • प्रति एक लाख आबादी पर 2.71 फीसदी बच्चे लापता

  • प्रति 10 लाख की आबादी पर मानव तस्करी 6.36 फीसदी

रांची : नीति आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों की सामाजिक, आर्थिक व पर्यावरण के क्षेत्र में प्रगति का व आधार का आकलन कर वित्तीय वर्ष 2020-21 के एसडीजी (सस्टनेबल डेवलपमेंट गोल्स) इंडिया सूचकांक जारी किया है. इसमें बेहतर कानून व्यवस्था के मापदंड पर पूरे देश में झारखंड पुलिस को 70 अंकों के साथ 21वें नंबर पर रखा गया है.

रिपोर्ट के अनुसार एक लाख आबादी पर बच्चे के खिलाफ अपराध 12.7 फीसदी है. वहीं बच्चे लापता होने की बात करें, तो प्रति एक लाख जनसंख्या पर यह 2.71 फीसदी है. जबकि प्रति 10 लाख की आबादी पर मानव तस्करी 6.36 फीसदी है. इसी तरह प्रति 10 लाख की आबादी पर भ्रष्टाचार व अपराध से जुड़ा मामला 2.05 फीसदी है. वहीं प्रति एक लाख की आबादी पर हत्या का ग्राफ 4.3 फीसदी. ऐसे में बेहतर कानून व्यवस्था के पैमाने पर देखा जाए, तो झारखंड का पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल चौथे, उत्तरप्रदेश आठवें और बिहार 12वें नंबर है.

नवंबर 2000 में बिहार से ही अलग होकर झारखंड बना था. जबकि झारखंड के साथ ही नवंबर 2000 में ही उत्तरप्रदेश से अलग राज्य बना उत्तराखंड की पुलिस ने 86 अंकों के देश के 28 राज्यों में शीर्ष स्थान हासिल करने में सफलता पायी है. जबकि गुजरात को दूसरा व मिजोरम को तीसरा स्थान मिला है. इसी तरह केंद्र शासित प्रदेश में देश की राजधानी दिल्ली की पुलिस बेहतर कानून व्यवस्था के मायने में 35वें स्थान पर है.

Posted By : Sameer Oraon

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By Prabhat khabar news desk

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