रांची: रांची नगर निगम क्षेत्र में कार्यरत सहायक अध्यापकों (पारा शिक्षकों) के लिए राहत की खबर है. पिछले तीन वर्षों से लंबित चार फीसदी वार्षिक मानदेय वृद्धि का रास्ता अब साफ हो गया है. शनिवार को नगर निगम सभागार में मेयर रोशनी खलखो की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहरी क्षेत्र के सहायक अध्यापकों को नियमानुसार चार फीसदी वार्षिक मानदेय वृद्धि देने पर सहमति बनी. साथ ही पिछले तीन वर्षों की लंबित वृद्धि को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गयी.
बैठक में मेयर रोशनी खलखो के अलावा डिप्टी मेयर नीरज कुमार, मनोनीत सदस्य संजय कुमार, डीएसइ बादल राज समेत नगर निगम के पार्षद मौजूद थे. मेयर ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक अध्यापकों की महत्वपूर्ण भूमिका है. इसी को ध्यान में रखते हुए लंबित मानदेय वृद्धि को स्वीकृति दी गयी है.
सेवा सत्यापन के कारण लंबित थी वृद्धि
झारखंड सहायक अध्यापक सेवा शर्त नियमावली के अनुसार सहायक अध्यापकों के मानदेय में प्रत्येक वर्ष चार फीसदी की वृद्धि का प्रावधान है. इसके लिए नगर निगम क्षेत्र में मेयर की अध्यक्षता में गठित कमेटी से सेवा सत्यापन कराना अनिवार्य है. वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में मुखिया स्तर से सेवा सत्यापन किया जाता है.
रांची नगर निगम का चुनाव नहीं होने के कारण शहरी क्षेत्र के सहायक अध्यापकों का सेवा सत्यापन लंबित था. अब नगर निगम की ओर से सेवा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षकों को पिछले तीन वर्षों की मानदेय वृद्धि का बकाया एरियर एक साथ मिलने का रास्ता साफ हो गया है.
यह भी पढ़ें: खंभे पर केबल लगाया है तो सावधान! JBVNL ने तय की 12 फीट ऊंचाई, अगले सप्ताह से हटेंगे अवैध तार
सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा ने जताया आभार
सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा जिला कमेटी के जिलाध्यक्ष मो शकील ने सेवा सत्यापन की स्वीकृति देने के लिए नगर निगम की कमेटी के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि मोर्चा लंबे समय से लंबित मानदेय वृद्धि की मांग कर रहा था. अब तीन वर्षों की लंबित वृद्धि स्वीकृत होने से सहायक अध्यापकों को राहत मिलेगी.
यह भी पढ़ें: एक ही आदेश में दो अलग बातें! धनबाद जमीन विवाद में हाईकोर्ट ने निचली अदालत को फिर सुनवाई का दिया निर्देश
