रांची. ‘ल्याया थारी चुनरी, करियो मां स्वीकार, इमें सांचा-सांचा हीरा और मोतियों की भरमार...’ और ‘चुनरी को रंग लाल चटक है, तारा भी चिपकाया मां...’ जैसे भजनों से राणी सती दादी मंदिर का परिसर गूंजता रहा. श्री राणी सती मंदिर कमेटी की ओर से आयोजित दो दिवसीय भादो बदी अमावस्या महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार को हुआ. महोत्सव को लेकर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है.
इस अवसर पर दादी को नाव के ऊपर तैयार किये गये सिंहासन पर विराजमान कराया गया है. सिंहासन के पीछे बनारस के घाट का दृश्य तैयार किया गया है. दादी का विशेष शृंगार किया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा.
गणेश पूजन के बाद शुरू हुआ महोत्सव
मंदिर में पंडित देवकी नंदन ने पूजा-अर्चना करायी. विकास अग्रवाल और उनकी पत्नी ने गणेश पूजन कर महोत्सव का शुभारंभ किया. इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित की गयी.
मंगल पाठ में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं. पाठ का संचालन शशि सर्राफ ने किया. सुबह 10 बजे विनोद कुमार जालान परिवार की ओर से ध्वज पूजन किया गया. इसके बाद हरि सत्संग समिति की ओर से सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ. इसका संचालन आशीष जालान ने किया.
शाम को श्याम परिवार और स्थानीय भजन गायकों ने भजनों की प्रस्तुति दी. इससे मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया. कार्यक्रम का संचालन विभोर डागा और विमल सोनी ने किया.
अखंड ज्योत के बीच हुआ मेहंदी और चुनरी उत्सव
महोत्सव के तहत शाम को मेहंदी उत्सव का आयोजन किया गया. दीपक गोयनका ने बताया कि 13 महिलाओं ने दादी जी को मेहंदी अर्पित की. इसके बाद इन महिलाओं को भी मेहंदी लगायी गयी.
रात में चुनरी उत्सव आयोजित हुआ. इसमें 13 विवाहित जोड़ों ने दादी जी को चुनरी अर्पित की और सभी के मंगल की कामना की. कार्यक्रम का संचालन आयुष नारसरिया ने किया.
रात 8.30 बजे अखंड ज्योत का समापन हुआ. इसके बाद मंडल की ओर से चतुर्दशी जागरण किया गया, जिसका संचालन श्रवण जालान ने किया.
आज मंगला आरती और सवामणि भोग के साथ होगा समापन
दो दिवसीय महोत्सव का समापन शुक्रवार को होगा. सुबह पांच बजे से मंगला आरती, शृंगार झांकी और पूजा-अर्चना होगी. इसके बाद 56 भोग और सवामणि भोग लगाया जायेगा.
रात आठ बजे 81 सुहागन महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में महाआरती करेंगी. इसका संचालन यश सुरेका करेंगे.
कमेटी के पदाधिकारी और भक्त आयोजन में जुटे
महोत्सव को सफल बनाने में श्री राणी सती मंदिर कमेटी के न्यासी भानु प्रकाश जालान, नारायण जालान, सतीश तुलस्यान, उपाध्यक्ष गजानंद अग्रवाल, उपमंत्री अमर पोद्दार, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश छापड़िया, सह कोषाध्यक्ष अक्षय हरलालका, श्रवण जालान, विकास अग्रवाल, सुशील नारसरिया, पवन लोहिया, अमर चौधरी, आशीष जालान, दीपक गोयनका, दिनेश टेकरीवाल, प्रदीप लोहिया, लोकेश जालान, संदीप कुमार, चंद्रकांत झुंझुनवाला, संतोष मोदी सहित अन्य दादी भक्त लगे हुए हैं.
भादो बदी अमावस्या पर विशेष आयोजन की परंपरा
भाद्रपद मास की अमावस्या को भादी अमावस्या या भादो बदी अमावस्या भी कहा जाता है. इस अवसर पर राणी सती दादी के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, मंगल पाठ, भजन-कीर्तन और जागरण जैसे आयोजन किये जाते हैं. श्रद्धालु दादी की पूजा कर परिवार की सुख-शांति और मंगल की कामना करते हैं. राणी सती दादी की आराधना मारवाड़ी समाज में विशेष आस्था से जुड़ी रही है.
