खलारी. खलारी प्रखंड की लपरा पंचायत में सुशासन, पारदर्शिता, जनभागीदारी और नवाचार के जरिए उल्लेखनीय प्रगति हो रही है. मुखिया पुतुल देवी के नेतृत्व में पंचायत ने जल प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य सुधार और पर्यावरण संरक्षण में काम किया है. स्वच्छता के प्रति लोगों की जागरूकता और शत-प्रतिशत घर में शौचालय निर्माण किया गया. वर्ष 2019 के आखिरी महीने में खुले में शौच मुक्त यानी पंचायत को ओडीएफ घोषित किया गया. हालांकि नियमित सफाई, कूड़ा प्रबंधन और सामुदायिक स्वच्छता जागरूकता पर कोई खास जोर नहीं दिया गया है. प्रखंड कार्यालय के आंकड़ा के अनुसार लपरा के इलाकों के घरों में शौचालय निर्माण वर्ष 2017 में 30 प्रतिशत काम किया गया था, जो वर्ष 2023 तक शत-प्रतिशत घरों में शौचालय निर्माण करवा दिया गया. वर्षा जल संचयन हेतु दर्जनों सामुदायिक तालाबों का निर्माण किया गया. जिला योजना के तहत जलमीनार निर्माण, घरों में नल कनेक्शन, हर घर जल योजना कार्य निर्माण प्रगति पर है, डिजिटल पंचायत के लिए ई-पंचायत पोर्टल पर सभी योजनाओं की ऑनलाइन ट्रैकिंग, डिजिटल साक्षरता पर 200 प्लस ग्रामीणों को कंप्यूटर प्रशिक्षण और वहां के अधिकांश लोग डिजिटल लेनदेन कर रहे हैं.
लपरा पंचायत शिक्षा और स्वास्थ्य में किया बेहतरीन सुधार
लपरा पंचायत में कुल 12 आंगनबाड़ी केंद्र है. सरकारी स्कूल में मिडिल स्कूल से लेकर सरकारी इंटर कॉलेज है. जानकारी अनुसार 95 प्रतिशत स्कूल ड्रॉपआउट दर कम किया गया. दो स्वास्थ्य केंद्र में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जो मैकलुस्कीगंज रेलवे फाटक के नजदीक और दूसरा नावाडीह में आयुष्मान आरोग्य मंदिर है. शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज है.82 एकड़ में बिरसा हरित ग्राम बागवानी और 9184 लगाये गये पौधे
लपरा पंचायत में मनरेगा के तहत दर्जनों मजदूरों को रोजगार मिला है. सरकारी योजनाओं के तहत पंचायत में दर्जनों तालाब निर्माण, 211 कुआं, 42 नए चापाकल, 82 एकड़ में बिरसा हरित ग्राम बागवानी योजना जैसे कार्य हुई. साथ ही पर्यावरण संरक्षण को लेकर वृक्षारोपण कार्य में 9184 पौधे लगाये गये, सौर उर्जा, सोलर लाइट एवं पांच सामुदायिक भवन जैसे कई कार्य हुए.लपरा पंचायत में महिला सशक्तिकरण की नयी ऊंचाई
आजीविका मिशन के तहत लपरा पंचायत में 32 एसएचजी समूह की 320 महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं. सब्जी उत्पादन, हस्तशिल्प, पशुपालन से जुड़ी ये महिलाएं बैंक लिंकेज से आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं. जानकारी अनुसार वर्ष 2017-18 में 8 से 10 एसएचजी समूह में 1 लाख टर्नओवर था. वहीं वर्ष 2025 में 6 लाख टर्नओवर हो चुका है. एसएचजी सदस्य प्रियंका देवी, फूलकुमारी एक्का, दिया मिंझ, रीना देवी, अंजली कुजूर, शोसन देवी, नीलम देवी, सरिता देवी, किरण देवी, सोनी लकड़ा कहती हैं कि एसएचजी ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया. अब वे भी परिवार की मुख्य कमाऊ सदस्य हैं.क्या कह रही लपरा पंचायत की मुखिया
झारखंड में मुखिया का चुनाव वर्ष 2010 में हुआ और उस समय लपरा पंचायत से पुतुल देवी चुनौतियों से लड़ती हुई मुखिया बनी. उसके बाद से लगातार तीसरी बार मुखिया चुनाव में जीतीं. उन्होंने पंचायत को विकास के कार्य में निरंतर प्रयास किया है. उनके कार्य को लेकर उन्हें कई बार प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया. इसी के तहत वर्ष 2023 में बिरसा हरित ग्राम योजना आम महोत्सव सह बागवानी और प्रशंसा पत्र से सम्मानित, वर्ष 2024 में फूलो झानो दीदी सम्मान और वर्ष 2025 में झारखंड शिक्षा परियोजना रांची के द्वारा मुखिया पुतुल देवी को शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान व प्रशंसनीय कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया. मुखिया पुतुल लातेहार रांची जिला को जोड़ने वाली पुल सहित कुआं, चापाकल, नाली आदि कार्य को क्षेत्र के लिए उपलब्धि मानती हैं.लगातार तीन बार से मुखिया बन रहीं पुतुल ने किये उल्लेखनीय कामB
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