Kal Ka Mausam: झारखंड में फिर सक्रिय होगा मानसून, जानें कैसा रहेगा कल का मौसम

Kal Ka Mausam: बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के बाद एक बार फिर झारखंड में मानसून सक्रिय होगा. इसका असर पूरे झारखंड में देखने को मिलेगा. मौसम विभाग ने 17 अगस्त 2025 तक के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. कहा है कि कहीं-कहीं गरज के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होगी. कल का मौसम कैसा रहेगा, आज ही जान लें.

Kal Ka Mausam: झारखंड में कहीं-कहीं गर्जन और तेज हवाओं के झोंके के साथ वज्रपात होने की संभावना है. कुछ जगहों पर आंधी चलेगी. इसकी रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है. मौसम विभाग ने बुधवार को यह जानकारी दी. कहा है कि झारखंड में 14 अगस्त 2025 (गुरुवार) के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.

2 दिन में 2 से 3 डिग्री तक आयेगी तापमान में गिरावट

मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि अगले 2 दिन में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आयेगी, जिससे ठंड थोड़ी और बढ़ेगी. लोगों को गर्मी का एहसास नहीं होगा. इसके बाद 3 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा.

24 घंटे के दौरान कमजोर रहा मानसून

मौसम विभाग ने बताया है कि पिछले 24 घंटे के दौरान मानसून कमजोर रहा. इस दौरान झारखंड में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. सबसे अधिक वर्षा गढ़वा जिले के बिशनपुरा में हुई. यहां 58.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गयी. इस दौरान सबसे अधिक उच्चतम तापमान गोड्डा में 37.8 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान लातेहार में 21.9 डिग्री रहा.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव

मौसम वैज्ञानिक ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना है, जो अगले 48 घंटे के दौरान आंध्रप्रदेश और ओडिशा की ओर बढ़ जायेगा. वहीं, मानसून ट्रफ भटिंडा, अंबाला, शाहजहांपुर, वाराणसी, डालटनगंज, झारसुगुड़ा और उसके बाद आंध्रप्रदेश होते हुए दक्षिणी ओडिशा की ओर बढ़ जायेगा.

Kal Ka Mausam: झारखंड में मानसून की बारिश

झारखंड में अब तक सामान्य से 36 फीसदी अधिक बारिश हुई है. राज्य में 867.3 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है. प्रदेश में 638.09 मिलीमीटर वर्षा को सामान्य वर्षापात माना जाता है.

झारखंड के मौसम की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

14 से 17 अगस्त तक झारखंड में होगी वर्षा

बंगाल की खाड़ी में बने इस निम्न दबाव का असर झारखंड के मौसम पर भी देखने को मिलेगा. 14, 15, 16 और 17 अगस्त तक पूरे झारखंड में कहीं न कहीं गरज के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होगी. आंधी के साथ वज्रपात होने की भी संभावना है.

इसे भी पढ़ें

Viral Video: खूंखार मगरमच्छ और हाथी की ऐसी लड़ाई नहीं देखी होगी, गजराज ने मगर को पटक-पटककर मारा

बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया का झारखंड पर असर, 13 अगस्त को आंधी-वर्षा का अलर्ट

Viral Video: पानी में डूबे हिरन के बच्चे को बचाने के लिए लगा दी जान की बाजी, पशुप्रेमी की सब कर रहे तारीफ

Rain Alert: झारखंड के इन 6 जिलों में अगले 3 घंटे में होगी भारी बारिश, IMD की चेतावनी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >