607.4 की जगह झारखंड में 854.6 मिमी बरसा मानसून, जानें कैसा रहेगा कल का मौसम

Kal Ka Mausam: झारखंड में 17 जून को दस्तक देने के बाद से मानसून लगातार सक्रिय है. पूरे झारखंड में वर्षा हो रही है. मानसून के सीजन में अब तक सामान्य से 41 फीसदी अधिक वर्षा हुई है. मौसम विभाग ने कल यानी 11 अगस्त 2025 को भी झारखंड में कहीं-कहीं वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है. कहा है कि कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होगी. इसलिए सावधान और सतर्क रहें.

Kal Ka Mausam: झारखंड में मानसून लगातार सक्रिय है. इस सीजन में 607.4 मिलीमीटर की जगह 854.6 मिलीमीटर वर्षा अब तक हो चुकी है. यह इस अवधि में होने वाली सामान्य वर्षा से 41 फीसदी अधिक है. मौसम विभाग ने यह जानकारी दी है. विभाग ने यह भी बताया है कि झारखंड में कल का मौसम कैसा रहने वाला है.

11 अगस्त को तेज हवाओं के साथ वर्षा-वज्रपात की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मौसम केंद्र रांची ने बताया है कि 11 अगस्त 2025 (सोमवार) को झारखंड में कहीं-कहीं गर्जन और तेज हवाओं का झोंके के साथ वर्षा और वज्रपात होने की संभावना है. हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है. वर्षा-वज्रपात की चेतावनी देते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है.

अधिकतम तापमान में गिरावट आने की संभावना

मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि अगले 3 दिन तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है. इसके बाद 2 दिन में उच्चतम तापमान में 2-3 डिग्री सेंटीग्रेड की गिरावट आ सकती है. 11 अगस्त को राज्य में अनेक स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है.

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गढ़वा में हुई सबसे ज्यादा 61.5 मिलीमीटर वर्षा

मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में मानसून सामान्य रहा. कुछ जगहों पर गरज के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. सबसे अधिक 61.5 मिलीमीटर वर्षा गढ़वा में हुई. सबसे अधिक उच्चतम तापमान 36.9 डिग्री सरायकेला में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री लातेहार में दर्ज किया गया.

रांची में कल गर्जन या वर्षा की संभावना

मौसम विभाग ने कहा है कि राजधानी रांची में सामान्यत: बादल छाये रहेंगे. बादल गरजेंगे. वर्षा भी हो सकती है. अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेंटीग्रेड और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेंटीग्रेड रहने की उम्मीद है.

झारखंड में सबसे ज्यादा वर्षा कहां हुई

पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड में 5.1 मिलीमीटर की जगह 8.1 मिलीमीटर (37 प्रतिशत अधिक) वर्षा हुई. इस दौरान कहां कितनी वर्षा हुई, इस लिस्ट में जानें.

  • गढ़वा – 61.5 मिलीमीटर
  • बारियातू – 59 मिलीमीटर
  • पंचेत – 49.4 मिलीमीटर
  • मैथन डीवीसी – 33.2 मिलीमीटर
  • कुड़ू – 32.4 मिलीमीटर
  • मैथन – 27.2 मिलीमीटर
  • चंदनकियारी – 22 मिलीमीटर
  • पापुनकी – 20.4 मिलीमीटर
  • मांडर – 18.4 मिलीमीटर
  • पथरगामा – 14.2 मिलीमीटर
  • बुढ़मू – 13.8 मिलीमीटर
  • बीएयू कांके – 13.4 मिलीमीटर
  • दियाकेल खूंटी केवीके – 11.5 मिलीमीटर
  • शिलाईचक – 9.5 मिलीमीटर
  • हिरनपुर – 9.2 मिलीमीटर
  • गारू 9 मिलीमीटर

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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