रांची. राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले गिरोह पर अपराध अनुसंधान विभाग ने शिकंजा कसा है. विभाग ने अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. एक आरोपी पर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सम्मिलित स्नातक स्तरीय परीक्षा में गड़बड़ी कराने का आरोप है, जबकि दूसरे पर झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है.
कोचिंग संचालक एजेंट के रूप में कर रहा था काम
शिवांगन कोचिंग के संचालक संजीत कुमार को सीआईडी ने गिरफ्तार किया है. वह रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र का रहने वाला है. उम्र 38 वर्ष है और पिता का नाम सुनील कुमार सिंह है. संजीत, राजधानी रांची में शिवांगन कोचिंग केंद्र का संचालन करता था. सीआईडी की जांच में खुलासा हुआ कि वह लोक सेवा आयोग की परीक्षा में अभ्यर्थियों के लिए एजेंट के तौर पर सक्रिय था. इस मामले में सीआईडी थाना में कांड संख्या 16-2026 दर्ज है.
दूसरे आरोपी की पहचान दिलीप कुमार पासवान के रूप में हुई है. 41 वर्षीय दिलीप, पश्चिम बर्धमान (पश्चिम बंगाल) के नवकाडीह में रह रहा था वह मूल रूप से बिहार के जमुई का रहनेवाला है. जांच में सामने आया कि दिलीप ने चयन आयोग की परीक्षा में कई अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाया. इस संबंध में सीआईडी थाना में कांड संख्या 1-2025 दर्ज है. मामले की तह तक जाने के लिए जांच एजेंसी अन्य सुरागों पर भी काम कर रही है.उल्लेखनीय है कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए सीआईडी लगातार सक्रिय है. दोनों आयोगों से जुड़े मामलों की जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दायरे में और भी नाम आ सकते हैं.
