झारखंड में ‘जियाडा रेगुलेशन 2026’ लाने की तैयारी, 99 साल की लीज की उठी मांग, ट्राइबल चेंबर नाराज

jiada regulation 2026: रांची में ‘जियाडा रेगुलेशन 2026’ के ड्राफ्ट को लेकर एमडी वरुण रंजन ने उद्यमियों के साथ बैठक की. वहीं, ट्राइबल इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (TICC) ने आदिवासियों की अनदेखी का आरोप लगाया है. इस खबर में पढ़ें, ‘जियाडा के इस कार्यक्रम में व्यापारियों ने क्या क्या मांग रखीं.

रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट

JIada regulation 2026, रांची : झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (JIADA) राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने के लिए नया ‘जियाडा रेगुलेशन 2026’ लाने की तैयारी में है. इस नए रेगुलेशन का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए सोमवार को रांची के होटल रेडिसन ब्लू में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में जियाडा के एमडी वरुण रंजन ने विभिन्न उद्योग संगठनों के उद्यमियों से सीधा संवाद किया और उनसे पूछा कि वे कैसा रेगुलेशन चाहते हैं? एमडी ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य निवेश को आसान बनाना और उद्यमियों की समस्याओं को दूर करना है.

99 साल के लिए लीज की मांग

कार्यक्रम में शामिल FJCCI, JASSIA और AIADA के प्रतिनिधियों ने जियाडा के सामने अपनी कई महत्वपूर्ण मांगें और सुझाव रखें. जिसमें उद्यमियों ने कहा कि पहले औद्योगिक क्षेत्रों में 99 साल की लीज पर जमीन मिलती थी, जिसे घटाकर 30 साल कर दिया गया है. बिहार समेत कई राज्यों ने इसे दोबारा 99 साल कर दिया है, झारखंड में भी यही व्यवस्था लागू होनी चाहिए. साथ ही साथ निवेशकों ने ऐसे ‘प्लग एंड प्ले’ परिसरों की मांग की जहां विकसित भूमि, तैयार शेड, बिजली, पानी, सड़क और अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हों, ताकि उद्योग तुरंत शुरू हो सकें. ओनरशिप ट्रांसफर (स्वामित्व हस्तांतरण) को आसान बनाने के लिए ज्वाइंट वेंचर के प्रावधान शामिल करने का भी सुझाव दिया गया. इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों के लिए 10 फीसदी आवासीय सुविधा की मांग की गई. इस पर जियाडा की ओर से बताया गया कि इंडस्ट्रियल एरिया में वर्किंग वुमेंस हॉस्टल का निर्माण कराया जा रहा है.

Also Read: रामगढ़ में रफ्तार का कहर: चुटुपालू घाटी में फिर बिखरा खून, किशोर समेत 2 की मौत

आदिवासी उद्यमियों की अनदेखी का लगा आरोप

एक तरफ जहां जियाडा नए नियमों पर मंथन कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘ट्राईबल इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ (TICC&I – टिक्की) झारखंड चैप्टर ने इस बैठक को लेकर सरकार और अधिकारियों के खिलाफ गहरी नराजगी व्यक्त की है. टिक्की ने सरकार पर आदिवासी उद्यमियों की घोर उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. टिक्की के प्रदेश अध्यक्ष बैद्यनाथ मांडी ने कहा कि 12 जुलाई 2019 को जियाडा के आठवीं निदेशक मंडल की बैठक में एसटी-एससी (ST-SC) उद्यमियों को औद्योगिक क्षेत्रों में 50% की छूट पर जमीन उपलब्ध कराने का फैसला सर्वसम्मति से पास हुआ था, लेकिन इतने साल बीत जाने के बाद भी इसे धरातल पर लागू नहीं किया गया. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि झारखंड को बने 25 वर्ष हो गए, लेकिन आदिवासियों के लिए कोई स्पष्ट उद्योग-व्यापार नीति नहीं बनी. इस महत्वपूर्ण बैठक में भी टिक्की जैसे बड़े स्टेकहोल्डर को आमंत्रित नहीं किया गया. इस बात का समर्थ करने वालों में बसंत तिर्की, राज मार्शल मार्डी, गोमिया सुंडी सहित कई अन्य सदस्य मौजूद थे.

Also Read: चतरा नगर परिषद अध्यक्ष की पात्रता पर उठे सवाल, झारखंड हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >