Jharkhand Weather: झारखंड में मॉनसून सुस्त, आज कई इलाकों में बारिश के आसार, जानें अगले 4 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम

रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा है कि राज्य में अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है. इसके बाद अगले 2 दिनों तक कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.

रांची : झारखंड में मॉनसून थोड़ा सुस्त पड़ गया है. रविवार को कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई. मौसम केंद्र ने पूर्वानुमान किया है कि छह सितंबर तक राज्य में कई स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है. इसे लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं है. इस दौरान रांची में बादल छाये रह सकते हैं. कई इलाकों में हल्की बारिश की भी संभावना है. बादल छाये रहने के कारण न्यूनतम तापमान 23 तथा अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेसि के आसपास हो सकता है. वहीं, अगर हम सोमवार के मौसम की बात करें तो कहीं, कहीं गरज के साथ बारिश हो सकती है.

अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की हो सकती है गिरावट

रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा है कि राज्य में अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है. इसके बाद अगले 2 दिनों तक कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. हालांकि इस बीच राज्य के कई जिलों के विभिन्न इलाकों में वज्रपात की भी संभावना जतायी गयी है. वहीं अगर हम 1 जून से मौसम विभाग के आंकड़ों को देखें तो गुमला में 668.9 मिमी, पश्चिमी सिंहभूम में 606 मिमी, देवघर में 505.6, गोड्डा में 516.6, पाकुड़ में 438.9, चतरा में 522.8, लोहरदगा में 504 मिमी बारिश हुई.

2 सितंबर को राज्य के कई इलाकों में गरज के साथ बारिश

मौसम विभाग ने कहा है कि 2 सितंबर को राज्य के कई इलाकों में गरज के बारिश हो सकती है. इस दौरान वज्रपात की भी संभावना है. लोगों से सावधान और सतर्क रहने की अपील की गयी है. ऐसी स्थिति में सुरक्षित स्थानों की शरण लेने व पेड़ और बिजली के खंभे के पास न रहने की सलाह दी गयी है. वहीं किसानों से कहा गया है कि वज्रपात होने पर वह अपने खेत की ओर न जाएं. अगर वे खेत पर हैं तो किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं.

अगस्त में रिकॉर्ड 445.2 मिमी बारिश

पूर्वी सिंहभूम में 1 से 31 अगस्त तक रिकॉर्ड 445.2 मिलीमीटर बारिश हुई है. जबकि अगस्त की औसत बारिश है 256.1 मिमी ही है. औसत से 189.1 मिमी अधिक बारिश हो हुई है. जुलाई में अल्पवृष्टि से किसान मायूस थे, पर अगस्त की बारिश ने धान की खेती में जान डाल दी. 31 अगस्त तक किसानों ने धानरोपनी की है. एक सप्ताह पहले तक घाटशिला प्रखंड में 50 प्रतिशत से अधिक धान की रोपनी हो चुकी थी. अब 60 प्रतिशत से अधिक धानरोपनी हो चुकी है. मौसम विभाग के अनुसार वर्ष 2022 में अगस्त में 320.0 तो 2023 में अगस्त में 328 मिमी बारिश हुई थी. इस वर्ष अगस्त 2024 में 445.2 मिमी बारिश हुई, जो रिकॉर्ड बारिश है.

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लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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