झामुमो के स्थापना दिवस से पहले शिबू सोरेन ने किया झारखंड श्रमिक संघ की कार्यकारिणी का विस्तार

नयी केंद्रीय कार्यकारिणी समिति में दो महिलाओं को जगह मिली है. अंजली सोरेन और निशा हेम्ब्रम को कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है. संघ की ओर से बताया गया है कि झारखंड श्रमिक संघ में तीन उपाध्यक्ष, एक महासचिव, संयुक्त महासचिव, एक संगठन सचिव, एक सचिव, एक कोषाध्यक्ष और एक कार्यालय सचिव बनाये गये हैं.

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के स्थापना दिवस से पहले पार्टी सुप्रीमो दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने झारखंड श्रमिक संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी का विस्तार किया है. इसमें रामदास सोरेन, विजय हांसदा और मथुरा प्रसाद महतो को उपाध्यक्ष बनाया गया है. महसचिव, संयुक्त महासचिव, संगठन सचिव, सचिव, कोषाध्यक्ष, कार्यालय सचिव के अलावा 10 लोगों को कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है.

नयी कार्यकारिणी में 2 महिला को मिली जगह

नयी केंद्रीय कार्यकारिणी समिति में दो महिलाओं को जगह मिली है. दोनों को कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है. इनके नाम अंजली सोरेन और निशा हेम्ब्रम हैं. झारखंड श्रमिक संघ की केंद्रीय समिति की ओर से यह जानकारी दी गयी है. झारखंड श्रमिक संघ की ओर से जारी कार्यालय आदेश में बताया गया है कि झारखंड श्रमिक संघ में तीन उपाध्यक्ष, एक महासचिव, संयुक्त महासचिव, एक संगठन सचिव, एक सचिव, एक कोषाध्यक्ष और एक कार्यालय सचिव बनाये गये हैं.

फागु बेसरा संघ के महासचिव बनाये गये

फागु बेसरा को संघ का महासचिव बनाया गया है. शैलेंद्र कुमार मैथी को संयुक्त महासचिव, विनोद कुमार पांडेय को संगठन सचिव और जय नारायण महतो को सचिव बनाया गया है. संजीव कुमार बेदिया को कोषाध्यक्ष और वीर सिंह सुरीन को कार्यालय सचिव बनाया गया है.

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कार्यकारिणी सदस्यों में 2 महिला समेत 10 लोग

इन पदाधिकारियों के अलावा 10 लोगों को कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया है, जिसमें 2 महिलाएं शामिल हैं. कार्यकारिणी सदस्यों के नाम समीर कुमार मोहंती, निरल पुर्ति, भूषण तिर्की, अंजली सोरेन, अशोक मंडल, विजय रजवार, विनोद सिंह, निशा हेम्ब्रम, बिट्टू मुर्मू, मोहम्मद इकबाल अहमद, राजेंद्र प्रसाद सिन्हा उर्फ गुड्डू हैं.

15 जुलाई 2022 को जमशेदपुर में हुआ था महाधिवेशन

बता दें कि 15 जुलाई 2022 को पूर्वी सिंहभूम जिला के जमशेदपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम हॉल में झारखंड श्रमिक संघ का 9वां केंद्रीय महाधिवेशन हुआ था. इसमें कई निर्णय लिये गये थे, जिसमें केंद्रीय कार्यकारिणी समिति का विस्तार करना शामिल है. उसी के आलोक में केंद्रीय समिति का विस्तार किया गया है.

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क्या है झारखंड श्रमिक संघ

झारखंड श्रमिक संघ प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की इकाई है. मजदूरों के हित में काम करना इस संघ का उद्देश्य है. दिशोम गुरु शिबू सोरेन खुद इस संघ के अध्यक्ष हैं. उल्लेखनीय है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा 2 और 4 फरवरी को हर साल अपना स्थापना दिवस मनाता है. इस बार भी 2 फरवरी को दुमका में और 4 फरवरी को धनबाद में पार्टी का स्थापना दिवस मनाया जायेगा.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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