Bengal Elections 2026: ममता बनर्जी पर एक्शन लेगा चुनाव आयोग! बंगाल भाजपा ने कर दी है ये बड़ी मांग

Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 जैसे-जैसे करीब आ रहा है, राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ती जा रही है. भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग चुनाव आयोग से कर दी है. क्या है पूरा मामला, जानने के लिए पढ़ें ये रिपोर्ट.

Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के मुख्य प्रवक्ता देवजीत सरकार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग चुनाव आयोग से की है. उन्होंने बृहस्पतिवार को कोलकाता के सॉल्टलेक स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह मांग की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जो बातें कहीं हैं, भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में आज तक किसी ने नहीं कहीं.

बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या को बंगाल का वोटर बनाने की कोशिश

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रेस कॉन्फ्रेंस के एक हिस्से का वीडियो मीडिया के सामने प्ले करने के बाद भाजपा प्रवक्ता देवजीत सरकार ने कहा कि चुनाव आयोग को कानूनी कार्रवाई करनी होगी. उन्होंने कहा कि भाजपा इसकी मांग इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ज्ञानेश कुमार से करती है. देवजीत सरकार ने कहा कि ममता बनर्जी बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या मुस्लिमों को पश्चिम बंगाल का वोटर बनाने की कोशिश कर रही हैं. कानून में ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान है. इसलिए चुनाव आयोग को ममता बनर्जी के खिलाफ एक्शन लेना होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा था- अफसरों को तृणमूल सरकार देगी सुरक्षा

दरअसल, ममता बनर्जी ने मंगलवार को राज्य सचिवालय नबान्न में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया पर गंभीर आरोप लगाये. सीएम ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद उन सभी अफसरों को वह प्रोमोशन देंगीं. सभी की नौकरी फिर से बहाल कर देंगीं. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का आदेश था, इसलिए उनकी सरकार को उन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी.

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Bengal Elections 2026: अधिकारी गलत काम करने से क्यों डरेगा?

ममता बनर्जी के इस बयान को घोर आपत्तिजनक बताते हुए देवजीत सरकार ने कहा कि अगर कोई मुख्यमंत्री खुलेआम इस तरह की बात करेंगी, तो कोई अधिकारी गलत काम करने से क्यों डरेगा? अगर ऐसा हुआ, तो देश के सभी राज्यों के अधिकारी वहां की सरकार के पक्ष में काम करना शुरू कर देंगे. चुनाव के बाद प्रोमोशन भी लेंगे. गलत काम करने वाले अधिकारी फिर से नौकरी में बहाल भी हो जायेंगे. देवजीत सरकार ने कहा कि यह संविधान का घोर उल्लंघन है. ऐसा बयान देने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

झूठ फैलाने खुद मैदान में उतरीं ममता बनर्जी – भाजपा

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी लगातार झूठ फैला रही है. दुष्प्रचार कर रही है. उन्होंने कहा कि अब ममता बनर्जी को खुद मैदान में आना पड़ा, क्योंकि उनको लगा कि पानी अब नाक के ऊपर चला गया है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की चिट्ठी में स्पष्ट लिखा है कि रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल्स एक्ट 1950 के तहत सरकारी अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी किये गये हैं.

कुछ अफसरों के कारण SIR के प्रति बनी गलत धारणा

देवजीत सरकार ने कहा कि चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने तृणमूल कांग्रेस सरकार से बार-बार आग्रह किया कि कुछ अधिकारी गलत काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये. इन अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने एसआईआर और लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के मुद्दे पर कई गलत बातें कीं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की वजह से ही लोगों में एसआईआर के प्रति गलत धारणा बनी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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