रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट
Jharkhand Power Shutdown Rules, रांची: झारखंड में बिजली उपभोक्ताओं को लगातार हो रही अघोषित कटौती और फील्ड कर्मियों की मनमानी से जल्द ही राहत मिलने वाली है. झारखंड ऊर्जा विकास निगम (JUVNL) के सीएमडी के. श्रीनिवासन ने पूरे राज्य में निर्बाध और सुचारू बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया है. सीएमडी ने इस बात को बेहद गंभीरता से लिया है कि वर्तमान में फीडर पर विभागीय अधिकारियों का सीधा कंट्रोल नहीं होने के कारण फील्ड और मानव दिवस (आउटसोर्सिंग) कर्मी अपनी मर्जी से जब-तब शटडाउन ले लेते हैं, जिससे बेवजह विद्युत आपूर्ति बाधित होती है.
नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश
सीएमडी के कड़े रुख के बाद झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JVBUNL) के निदेशक (वितरण एवं परियोजना) प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने राज्य के सभी जीएम (GM), एसई (SE), कार्यपालक अभियंता (EE) और सहायक अभियंता (AE) को आधिकारिक पत्र भेजकर नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया है.
ये हैं बिजली विभाग के नए कड़े निर्देश
अब झारखंड में लाइन मरम्मत या किसी अन्य काम के लिए शटडाउन लेने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है, जो इस प्रकार है:
- किसी भी आकस्मिक (Emergency) स्थिति को छोड़कर, जिला या प्रमंडल मुख्यालय में स्थित पावर सब स्टेशन (PSS) से फीडर का शटडाउन केवल विद्युत कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) की लिखित/आधिकारिक अनुमति के बाद ही लिया जा सकेगा.
- सब-डिवीजन स्तर पर स्थित पावर सब स्टेशन से फीडर का शटडाउन लेने के लिए सहायक विद्युत अभियंता (Assistant Engineer) की अनुमति अनिवार्य होगी.
- ग्रामीण इलाकों में स्थित पीएसएस के फीडर का शटडाउन पूर्व की भांति संबंधित क्षेत्र के कनीय अभियंता (Junior Engineer) की देखरेख और अनुमति से लिया जा सकेगा.
बिना सुरक्षा उपकरण काम कराया, तो नौकरी से हटाए जाएंगे कर्मी
नए दिशा-निर्देशों में लाइनमैन और हेल्पर्स की सुरक्षा को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया है. लाइन मरम्मत के दौरान सभी मानवबलों द्वारा समुचित सुरक्षा उपकरणों (Safety Gear) का उपयोग करना अनिवार्य होगा. यदि कोई लाइनमैन फीडर के शटडाउन के दौरान किसी दूसरे अनधिकृत असिस्टेंट या आम व्यक्ति से पोल पर कार्य कराते हुए पाया जाता है, तो वैसे कर्मियों को तुरंत चिन्हित कर नौकरी (कार्य) से हमेशा के लिए हटा दिया जाएगा. इसके अलावा फील्ड स्टाफ की कार्यकुशलता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए भी बड़ा कदम उठाया गया है. उनके लिए समय-समय पर अनिवार्य ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे. प्रत्येक पावर सब स्टेशन (PSS) की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी और परिसरों में समुचित लाइटिंग (रोशनी) की व्यवस्था की जाएगी.
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शटडाउन का समय और अंतराल हुआ तय
अक्सर देखा जाता है कि मेंटेनेंस के नाम पर सुबह से शाम तक बिजली गुल कर दी जाती है. इस पर रोक लगाते हुए नया शेड्यूल तय किया गया है. दिनभर में अधिकतम दो या तीन बार से ज्यादा शटडाउन नहीं लिया जा सकेगा. एक बार में शटडाउन की अवधि 15 से 20 मिनट से ज्यादा नहीं होगी. किसी भी फीडर में एक बार शटडाउन लेने के बाद, दूसरे शटडाउन के बीच कम से कम 4 से 5 घंटे का गैप (अंतराल) होना अनिवार्य है, ताकि उपभोक्ताओं को लगातार बिजली संकट का सामना न करना पड़े.
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