झारखंड : लोकसभा चुनावों में पुलिस रख रही है पैनी नजर, अंतरराज्यीय सीमा पर बना डाले इतने चेक पोस्ट !

ओड़िशा की सीमा से सटे सिमडेगा में चार, चाईबासा में छह, जमशेदपुर में पांच व सरायकेला में एक चेकपोस्ट बनाया गया है.

लोकसभा चुनाव को लेकर राज्य के वैसे जिले जिनकी सीमा दूसरे राज्यों से सटी हुई है, वहां पर कुल 108 चेक पोस्ट बनाये गये हैं. इन चेकपोस्टों पर शराब, मादक पदार्थ, अवैध हथियार, पैसे आदि की सघन जांच होगी. पड़ोसी राज्य बिहार की सीमा से सटे पलामू जिले में आठ, गढ़वा में एक, हजारीबाग में एक, चतरा में दो, कोडरमा में चार, गिरिडीह में दो, दुमका में एक, देवघर में पांच, गोड्डा मं नौ और साहिबगंज जिले में एक चेकपोस्ट बनाया गया है. इसी तरह पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे रांची जिले में तीन, जमशेदपुर में सात, सरायकेला में दो, बोकारो में छह, धनबाद में तीन, रामगढ़ में एक, दुमका में पांच, जामताड़ा में आठ, साहिबगंज में तीन व पाकुड़ में आठ चेकपोस्ट बनाये गये हैं. छत्तीसगढ़ सीमा से सटे गुमला जिले में तीन, सिमडेगा में एक, लातेहार में चार, गढ़वा में दो चेक पोस्ट बनाये गये हैं. ओड़िशा की सीमा से सटे सिमडेगा में चार, चाईबासा में छह, जमशेदपुर में पांच व सरायकेला में एक चेकपोस्ट बनाया गया है. वहीं उत्तरप्रदेश की सीमा से सटे गढ़वा जिले में दो चेकपोस्ट बनाये गये हैं.

एसटीएफ डीआइजी ने तैयार की रिपोर्ट

लोकसभा और विधानसभा चुनाव 2019 के दौरान केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों को जिस तरह परेशानी का सामना करना पड़ा था. उस तरह की परेशानी आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों को नहीं करना पड़े. इसके लिए एसटीएफ डीआइजी ने रिपोर्ट तैयार कर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और सभी रेंज डीआइजी के पास भेज दिया है. एसटीएफ डीआइजी ने निर्देश दिया है कि केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के जिला में प्रतिनियुक्ति होने से पूर्व भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार उनके रहने के स्थान को चिह्नित कर पानी, बाथरूम और जेनरेटर की सुविधा उपलब्ध करायी जाये. केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की प्रतिनियुक्ति से पूर्व यह सुनिश्चित कर लिया जाये कि उन्हें दोबारा स्थान नहीं बदलना पड़े. केंद्रीय अर्धसैनिक बल के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को सेपरेट आवास की व्यवस्था दी जाये. लातेहार, चाईबासा, पलामू, चतरा और गिरिडीह के दूरस्थ इलाके जहां मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता है. वहां पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को सेटेलाइट फोन की सुविधा उपलब्ध करायी जाये. केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों को उपलब्ध कराये जाने वाले वाहन ठीक हालत में हो. इसके अलावा सुरक्षाबलों को प्राथमिक उपचार से संबंधित दवा और मलेरिया की दवाई उपलब्ध करायी जाये.

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