आधिकारिक Answer Key से मिलाया फिर भी काटा 1 नंबर, JSSC के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची अभ्यर्थी, मिली राहत

झारखंड हाईकोर्ट ने माध्यमिक आचार्य प्रतियोगिता परीक्षा में अंक विवाद पर बड़ा फैसला दिया है. अदालत ने 'विशेष शिक्षा' विषय के एक पद को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है. यह मामला एक अंक के न मिलने से जुड़ा है, जिसके कारण अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन नहीं हो सका.

रांची : झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने माध्यमिक आचार्य प्रतियोगिता परीक्षा में हुई गड़बड़ी से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने प्रार्थी के पक्ष में अंतरिम राहत प्रदान करते हुए 'विशेष शिक्षा' (Special Education) विषय के अंतर्गत माध्यमिक आचार्य का एक पद सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की है.

आधिकारिक आंसर-की के बावजूद नहीं मिला 1 अंक

यह मामला अभ्यर्थी नेहा कुमारी द्वारा दायर रिट याचिका से जुड़ा है. याचिकाकर्ता का कहना है कि माध्यमिक आचार्य भर्ती परीक्षा के पेपर-एक में न्यूनतम क्वालिफाइंग अंक प्राप्त करना अनिवार्य है. जेएसएससी (JSSC) द्वारा जारी आधिकारिक आंसर-की (Answer Key) में जिस विकल्प को सही माना गया था, उन्होंने भी परीक्षा में उसी उत्तर का चयन किया था. इसके बावजूद आयोग द्वारा उन्हें उस सही उत्तर का 1 अंक नहीं दिया गया, जिससे उनका कुल प्राप्तांक क्वालिफाइंग कट-ऑफ से नीचे रह गया.

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1 अंक की वजह से जांच से बाहर हुआ पेपर-दो

याचिका में दलील दी गई है कि पेपर-एक में न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स नहीं मिलने के कारण जेएसएससी ने उनके पेपर-दो (Paper-2) की उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन ही नहीं किया. यदि विवादित प्रश्न का वह 1 अंक जोड़ दिया जाता है, तो प्रार्थी पेपर-एक में अर्हता प्राप्त कर लेंगी और उनका पेपर-दो भी मूल्यांकन प्रक्रिया के दायरे में आ जाएगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने एक सीट होल्ड करने का आदेश दिया है.

CBI जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को सुनवाई

14वीं जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं की स्वतंत्र सीबीआई (CBI) जांच की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर अब सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को सुनवाई होगी. इससे पूर्व यह सुनवाई 11 सितंबर को सूचीबद्ध थी. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस उज्जल भुयान की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है. शीर्ष अदालत ने मामले में केंद्र सरकार, झारखंड सरकार, जेपीएससी, जेएसएससी और सीआईडी (CID) को नोटिस जारी कर 15 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.

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By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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