रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट
Jharkhand High Court, रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के धुर्वा स्थित नए हाईकोर्ट परिसर में फुटबॉल मैदान बनाने के लिए जारी की गई टेंडर प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है. यह आदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने एडवोकेट एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को 14 अगस्त तक अपना विस्तृत जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही, प्रार्थी एडवोकेट एसोसिएशन को सरकार और रजिस्ट्रार जनरल के जवाब पर 18 अगस्त तक अपना प्रति उत्तर (रिजॉइन्डर) पेश करने का समय दिया गया है. मामले में अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने 20 अगस्त की तिथि निर्धारित की है.
खेल मैदान के बजाय वकीलों के लिए अतिरिक्त चैंबर बनाने की मांग
यह याचिका एडवोकेट एसोसिएशन के महासचिव नवीन कुमार की ओर से दायर की गई थी, जिसमें फुटबॉल मैदान के निर्माण के फैसले और उसके टेंडर को चुनौती दी गई है. एसोसिएशन का कहना है कि हाईकोर्ट में वकीलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण उन्हें बैठने और काम करने के लिए जगह की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है. एसोसिएशन ने अदालत से गुहार लगाई है कि उपलब्ध जमीन का उपयोग खेल का मैदान बनाने में करने के बजाय अधिवक्ताओं की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त एडवोकेट चैंबर बनाने के लिए किया जाना चाहिए.
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वर्ष 2024 में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को भेजा था निर्माण का प्रस्ताव
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, तत्कालीन चीफ जस्टिस के निर्देशों के आलोक में झारखंड हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा वर्ष 2024 में प्रथम चरण के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का एक प्रस्ताव तैयार किया गया था. इस प्रस्ताव में पांच जज आवास, पांच रजिस्ट्री ऑफिसर आवास, एक बहुउद्देश्यीय ऑडिटोरियम और एक फुटबॉल मैदान का निर्माण शामिल था, जिसे स्वीकृति और क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार को भेजा गया था. इसी प्रस्ताव के आधार पर सरकार के संबंधित विभाग द्वारा हाल ही में फुटबॉल मैदान के निर्माण को लेकर टेंडर आमंत्रित किए गए थे, जिस पर अब हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है.
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