रांची : राजधानी रांची के डोरंडा स्थित महासंघ कार्यालय में झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता महासंघ के महासचिव भूषण कुमार ने की, जिसमें पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया. बैठक के दौरान पशुपालन विभाग में चल रही अनियमितताओं, कर्मचारियों के वेतन पर रोक और संवर्ग पुनर्गठन के नाम पर पदों को समाप्त किए जाने की साजिश पर गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया गया.
'चिकित्सकों का असंवैधानिक तरीके से बढ़ाया वेतन' : महासंघ के महासचिव
बैठक को संबोधित करते हुए महासंघ के महासचिव भूषण कुमार ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा नियमों की अनदेखी कर और सरकार को गुमराह करके चिकित्सकों के वेतन वृद्धि तथा प्रोन्नति (Promotion) का नियम बनाया गया है. साजिश के तहत क्षेत्रीय कार्यालयों के स्वीकृत पदों को समाप्त कर दिया गया है. कार्यालयों की मैपिंग के नाम पर कर्मचारियों का महीनों से वेतन और भत्ता रोक कर रखा गया है, जिससे कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
ये भी पढ़ें: R
anchi Crime: गश्ती के दौरान अपराधियों से भिड़े सब इंस्पेक्टर, मारपीट के बाद भी तीन को पकड़ा
'सेवानिवृत्त चिकित्सकों को मानदेय देना नाजायज' : भूषण कुमार
भूषण कुमार ने कहा कि अलग झारखंड राज्य बनने के 26 वर्षों बाद भी कर्मचारियों के कई पदों पर सीधी नियुक्ति और प्रोन्नति पूरी तरह बंद है. कई कार्यालयों को बंद कर दिया गया है, जो एक प्रकार का बड़ा घोटाला है. वहीं दूसरी ओर, सेवानिवृत्त चिकित्सकों को बिना किसी ठोस काम के अनुबंध पर रखकर हर महीने 50,000 से 60,000 रुपये दिए जा रहे हैं, जो पूरी तरह से नाजायज और सरकारी धन का दुरुपयोग है.
महासंघ की प्रमुख मांगें
- संकल्प रद्द हो: महासंघ ने विभाग द्वारा जारी संकल्प संख्या 739 (दिनांक 19.06.2026) को अविलंब रद्द करने की मांग की.
- वेतन का भुगतान: मैपिंग के नाम पर रोके गए कर्मचारियों के वेतन और भत्तों का तुरंत भुगतान किया जाए.
- उच्चस्तरीय जांच: चिकित्सकों की मनमानी प्रोन्नति और कर्मचारियों के पद/कार्यालय समाप्त किए जाने के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए.
ये भी पढ़ें: धनबाद के लोयाबाद में अचानक धंसी जमीन, 20 फीट गहरे गड्ढे में समाया मकान, देखें कैसे बची परिवार की जान
