झारखंड डीजीपी की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, दुष्प्रचार कर रही थी हेमंत सोरेन सरकार, बोली भाजपा

Jharkhand DGP Appointment Controversy: झारखंड में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति का विवाद अभी थमा नहीं है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता ने एक बार फिर झारखंड सरकार पर इस मुद्दे पर तीखा हमला बोला है. कहा है कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. बाबूलाल मरांडी की याचिका खारिज नहीं हुई है, उन्होंने स्वेच्छा से केस वापस लिया है. अब हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी.

Jharkhand DGP Appointment Controversy: झारखंड में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्ति प्रकरण पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है. भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने गुरुवार को कहा कि अपने अवैध और असंवैधानिक फैसलों पर पर्दा डालने के लिए हेमंत सरकार लगातार जनता को गुमराह कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि डीजीपी की नियुक्ति को चुनौती देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका और झारखंड हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर की थी.

कोर्ट की प्रक्रिया को तोड़-मरोड़कर पेश किया

उन्होंने कहा कि 18 अगस्त 2025 को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने बाबूलाल मरांडी को अपनी इच्छा से अवमानना याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी. साथ ही यह निर्देश दिया कि अब हाईकोर्ट में लंबित डीजीपी नियुक्ति मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट स्वयं करेगा. अजय साह ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट की इस प्रक्रिया को तोड़-मरोड़कर राज्य सरकार ने पेश किया और अपने वकीलों तथा नेताओं के जरिये झूठ फैलाया कि बाबूलाल मरांडी की याचिका खारिज कर दी गयी है.

हेमंत सरकार की असलियत उजागर हुई – भाजपा प्रवक्ता

भाजपा ने उस समय ही इस भ्रामक प्रचार का खंडन किया था. अजय ने कहा कि 10 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार पूरे मामले को सुप्रीम कोर्ट को हैंडओवर कर दिया है. अब सभी फाइलें एवं दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट भेजे जायेंगे. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हाईकोर्ट की इस कार्यवाही ने हेमंत सरकार की असलियत उजागर कर दी है.

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Jharkhand DGP Appointment Controversy: सच्चाई सामने लायेगा सुप्रीम कोर्ट – अजय साह

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह साबित हो चुका है कि डीजीपी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू से ही संदिग्ध रही है. प्रकाश सिंह केस के आदेशों का उल्लंघन करते हुए डीजीपी की नियुक्ति की गयी. साह ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को यह देखना चाहिए कि कहीं उनकी कानूनी टीम उन्हें गुमराह तो नहीं कर रही. उन्होंने विश्वास जताया कि सुप्रीम कोर्ट जल्द ही इस मामले में न्यायसंगत फैसला सुनाकर सच्चाई सामने लायेगा.

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