जाति जनगणना से होगा क्रांतिकारी परिवर्तन, बदल जाएगी देश की तसवीर, रांची में बोले राहुल गांधी

Jharkhand Chunav 2024: कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने झारखंड विधानसभा चुनाव का प्रचार खत्म होने से एक-डेढ़ घंटे पहले भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर जमकर हमला बोला. सोमवार को रांची में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘भाजपा और आरएसएस के बड़े नेता […]

Jharkhand Chunav 2024: कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने झारखंड विधानसभा चुनाव का प्रचार खत्म होने से एक-डेढ़ घंटे पहले भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर जमकर हमला बोला. सोमवार को रांची में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘भाजपा और आरएसएस के बड़े नेता कहते हैं कि हम संविधान को खत्म कर देंगे, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे. हम संविधान की रक्षा करेंगे. हम ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देंगे. जति जनगणना कराएंगे, जो देश में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा.’

सत्ता में आए, तो तोड़ देंगे 50 प्रतिशत आरक्षण की दीवार – राहुल

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार सत्ता में आएगी, तो 50 फीसदी आरक्षण की दीवार भी तोड़ देगी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरक्षण के नाम पर झूठ बोलने का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री कहते हैं कि मैं आरक्षण विरोधी हूं. मैं कहता हूं कि मैं आरक्षण विरोधी नहीं हूं. हम ओबीसी का आरक्षण बढ़ाकर 27 प्रतिशत करना चाहते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा इसे रोक रही है.’

3-4 अरबपतियों को देश का धन दे देना चाहते हैं पीएम – राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री देश का धन 3-4 अरबपतियों को दे देना चाहते हैं. दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी देश में जाति जनगणना कराना चाहती है, ताकि हर वर्ग के लोगों का आंकड़ा सामने आए. उसके आधार पर उनके विकास की नीति बने. राहुल गांधी ने कहा कि जब उनकी सरकार थी, तब जातीय जनगणना नहीं करवाना एक भूल थी. राहुल ने कहा कि आदिवासियों को भाजपा के लोग वनवासी कहते हैं. यह आदिवासियों का अपमान है.

राहुल गांधी ने बताया, क्यों जरूरी है जातीय जनगणना

कांग्रेस नेता ने कहा कि जाति जनगणना जरूरी है, क्योंकि देश की आबादी में 50 फीसदी हिस्सेदारी ओबीसी की है, 15 फीसदी दलित हैं, 8 फीसदी आदिवासी हैं. देश के नीति निर्माण में इन 73 फीसदी लोगों की हिस्सेदारी बिल्कुल नहीं है. इन लोगों की भागीदारी कितनी है, किसी को नहीं मालूम. जाति जनगणना से पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी कि देश में किस वर्ग के कितने लोग हैं और उनकी स्थिति वर्तमान में क्या है. यह देश की राजनीति में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा.

तेलंगाना में तैयार हो रहा है कास्ट सेंसस का ब्लूप्रिंट

राहुल गांधी से जब पूछा गया कि इसका मॉडल क्या होगा, तो उन्होंने कहा कि इसका एक कॉन्सेप्ट डेवलप किया जा रहा है. तेलंगाना और कर्नाटक में उनकी पार्टी की सरकारें हैं. तेलंगाना में लाखों लोगों से पूछा जा रहा है कि जाति जनगणना में कौन-कौन से सवाल होने चाहिए. तेलंगाना के लोगों की राय लेकर इसका विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि जाति जनगणना के बाद देश की तसवीर बदल जाएगी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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